अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का अस्थायी युद्धविराम हो गया है। ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए सहमति दी है। यह दावा, अमेरिका का है। ईरान, जंग में खुद को विजयी घोषित कर रहा है। जंग रुकवाने का क्रेडिट, अमेरिका, पाकिस्तान को दे रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों देशों से अपील की कि युद्ध रोक दिया जाए और बातचीत का मौका दिया जाए।

 डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर वह आत्मसमर्पण नहीं करता तो अमेरिका उसके बिजलीघरों और पुलों पर हमला कर देगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर कुछ बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो एक सभ्यता खत्म हो जाएगी। अब एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप, अपनी बात से पलट गए हैं। 

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डेडलाइन से ठीक पहले पलट गए ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप की डेडलाइन से ठीक पहले पाकिस्तान की मदद से समझौता हो गया। डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अगर ईरान हार्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोल देता है तो अमेरिका दो हफ्ते तक बमबारी रोक देगा। इस दौरान दोनों देश ईरान के 10 सूत्री प्रस्ताव पर बातचीत करेंगे। 

ईरान ने मानी है सीजफायर की बात

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इस युद्धविराम की पुष्टि की और कहा कि दो हफ्ते तक हार्मुज से जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इस समझौते से पांच हफ्ते से चल रहा अमेरिका-ईरान युद्ध रुक गया है। 

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होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से क्या बिगड़ा?

28 फरवरी से लेकर अब तक हार्मुज स्ट्रेट लगभग बंद रहा था, जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही थी। इजरायल ने भी इस दो हफ्ते के युद्धविराम को मान लिया है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब लंबे समय के लिए ईरान और पश्चिम एशिया में शांति बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है।

सीजफायर रोकने के लिए राजी कैसे हुए ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने ईरान से कहा कि यह दो हफ्ते का युद्धविराम दोनों तरफ से होना चाहिए और इसके लिए ईरान को हार्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलना होगा।

डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका:-
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के आधार पर और क्योंकि उन्होंने मुझसे अनुरोध किया कि आज रात ईरान पर विनाशकारी सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोका जाए, मैं, ईरान पर बमबारी और हमले को दो सप्ताह के लिए रोकने पर सहमत हूं। इस शर्त पर कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह, तत्काल और सुरक्षित तरीके से खोलने पर सहमत हो।'

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डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस फैसले की एक यह वजह है कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को पूरा कर चुका है, ईरान के साथ लंबे समय के शांति समझौते पर काफी आगे बढ़ चुका है।

डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका:-
हमने ईरान से 10 सूत्री प्रस्ताव प्राप्त किया है और मानते हैं कि यह बातचीत का एक व्यावहारिक आधार है। अमेरिका और ईरान के बीच पुरानी ज्यादातर विवादित बातों पर सहमति बन चुकी है। दो हफ्ते का समय समझौते को अंतिम रूप देने और पूरा करने में मदद करेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'अमेरिका की ओर से, राष्ट्रपति के रूप में, और मध्य पूर्व के देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए, यह सम्मान की बात है कि यह लंबे समय से चला आ रही समस्या अब समाधान के करीब है।'

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क्या होर्मुज खोल देगा ईरान?

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद भी दो सप्ताह के युद्धविराम को स्वीकृति दी है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप से अलग राय रखी है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उसकी 10 सूत्री योजना मान ली है और हार्मुज पर उसका नियंत्रण स्वीकार कर लिया है।