हिंसक प्रदर्शनों के बाद बड़ी मुश्किल से चुनाव हुए और सरकार बनी थी लेकिन लगता है कि नेपाल में अब भी सब ठीक नहीं हुई है। बालेन शाह की अगुवाई में बनी सरकार के खिलाफ एक महीने से कम समय में ही प्रदर्शन होने लगे हैं। इस बीच नेपाल के चर्चित गहमंत्री बने सुदन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सुदन गुरुंग ने ना सिर्फ इस्तीफा दिया है बल्कि यह भी कहा है कि उनके लिए एथिक्स किसी भी सत्ता से ज्यादा अहम हैं और सत्ता से ज्यादा अहमियत जनता के भरोसे की है। उन्होंने यह भी कहा है कि जो 'राम राज्य' चाहते हैं, उन्हें त्याग करने का साहस और नैतिक शक्ति दिखानी होगी।
सुदन गुरुंग का कहना है कि जनता की आलोचना को उन्होंने बेहद गंभीरता से लिया है और नैतिकता के मानकों को ध्यान में रखते हुए अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। सुदन गुरंग पर आरोप लग रहे हैं कि उनके कारोबारी संबंध विवादों में रहे दीपक भट्टा से हैं। दीपक भट्टा वही कारोबारी हैं जिसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच चल रही है। नेपाल की नई सरकार के सामने समस्या यह है कि सुदन गुरुंग से पहले श्रम मंत्री दीपक कुमार को भी हटाना पड़ा था।
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क्यों छोड़ दिया गृहमंत्री का पद?
फेसबुक पर इस्तीफे का एलान करने वाले सुदन गुरुंग ने अपने पोस्ट में लिखा है, 'मैं 26 मार्च से गृह मंत्री के रूप में अपना दायित्व निभा रहा हूं। हाल ही में मेरे शेयर और अन्य चीजों के बारे में जनता की ओर से तमाम सवाल उठाए गए हैं और मैंने इन सवालों और टिप्पणियों को गंभीरता से लिया है। मेरे लिए नेतिकता किसी भी पद से बड़ी है और जनता के भरोसे से बढ़कर सत्ता नहीं है। आज का जेल अभियान गुड गवर्नेंस, पारदर्शिता और जिम्मेदाराना रवैया चाहता है। सार्वजनिक जीवन साफ होना चाहिए और नेता जिम्मेदार होने चाहिए।'
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उन्होंने आगे लिखा है, 'इसलिए मैं चाहता हूं कि मुझसे जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच हो और किसी भी तरह से हितों का टकराव न हो इसलिए मैंने गृहमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। मैंने अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाई है। अब मैं मीडिया के दोस्तों और नेपाली भाई-बहनों और युवाओं से अपील करता हूं कि अगर हम सच में बदलाव चाहते हैं तो हमें सच के रास्ते पर चलना चाहिए और ईमानदारी बरतनी चाहिए। मीडिया के कुछ लोगों के शेयर कहां-कहां हैं यह भी सामने आएगा। जो लोग राम राज्य चाहते हैं उन्हें थोड़ा साहस दिखाना चाहिए।'
कौन हैं सुदन गुरुंग?
सिर्फ 38 साल से सुदन गुरुंग नेपाल में हुए जेन जी आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। राजनीतिक पारी की शुरुआत करने से पहले गुरुंज एक डीजे थे और अपना नाइटक्लब भी चलाते थे। वह एक एनजीओ के जरिए भूकंप, कोरोना और अन्य आपदाओं के दौरान लोगों की मदद करने की वजह से भी चर्चा में रहे हैं।
