नेपाल में जेन जी क्रांति के बाद पहली बार चुनाव हो रहे हैं। जेन जी प्रोटेस्ट के बाद 2025 में नेपाल सरकार के तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। अब देश के भविष्य का फैसला 1 करोड़ 89 हजार तय करने वाले हैं। नेपाल की कुल आबादी करीब 3 करोड़ है। जेन जी क्रांति के बाद, देश में कुल 10 लाख युवा वोटर पहली बार मतदान करेंगे। चुनावी मैदान में कुल 65 पार्टियां उतरीं हैं।

यह चुनाव 275 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा के लिए है। इसमें 165 सीटें सीधे वोटिंग से चुनी जाती हैं, जहां सबसे ज्यादा वोट वाला उम्मीदवार जीतता है। बाकी 110 सीटें अनुपातिक प्रतिनिधित्व सिस्टम से पार्टियों को उनके वोट शेयर के हिसाब से मिलती हैं। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। चुनाव आयोग ने कहा है कि सीधी वोटिंग के नतीजे सभी बैलट बॉक्स इकट्ठा होने के 24 घंटे के अंदर घोषित कर दिए जाएंगे।

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मुद्दे क्या हैं?

नेपाल के चुनाव में भ्रष्टाचार, नौकरी सृजन, गरीबी, युवाओं की बेरोजगारी और भारत-चीन के साथ संबंध जैसे मुद्दे छाए हुए हैं। भारत से ही नेपाल के अंतरराष्ट्रीय व्यापार का दो-तिहाई हिस्सा निर्भर करता है। चीन का व्यापार 14 प्रतिशत है। चीन ने नेपाल को 130 मिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज दिया है।

PM चेहरे कौन हैं, जो चर्चा में हैं 

  • बालेन शाह: असली नाम बालेंद्र शाह है। काठमांडू के पूर्व मेयर हैं। अब राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से प्रधानमंत्री उम्मीदवार हैं। वह जेन जी के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
  • गगन थापा: नेपाल कांग्रेस के युवा नेता हैं। नेपाल कांग्रेस, देश की सबसे पुरानी पार्टी है और भारत से करीबी रिश्ते रखती है।
  • केपी शर्मा ओली: कम्युनिस्ट नेता हैं और तीन बार पीएम रह चुके हैं, भारत विरोधी रुख के लिए चर्चा में रहते हैं। 2025 के जेन-जी विरोध में उनकी सरकार गिरी थी। इसके अलावा पुष्प कमल दाहाल (प्रचंड) भी मैदान में हैं, जो नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेता हैं। 

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नेपाल में सुरक्षा के इंतजाम क्या हैं?

कुल 65 से ज्यादा पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम अपनाए गए हैं। नेपाल आर्मी ने तीन चरणों में सुरक्षा योजना बनाई । चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और बाद में। एरियल पैट्रोलिंग हो रही है, संदिग्ध चीजों को निष्क्रिय किया जा रहा हैऔर पोलिंग स्टेशनों पर तीन स्तर की सुरक्षा है। करीब 3.3 लाख सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, जिनमें 80,000 आर्मी के जवान शामिल हैं। बैलट बॉक्स की ढुलाई और गिनती साइट्स पर भी सुरक्षा टीम हैं।

नेपाल का एग्जिट पोल कब आएगा?

चुनाव आयोग ने मीडिया को ओपिनियन पोल के नतीजे चुनाव से पहले न छापने की अपील की है, ताकि वोटरों पर असर न पड़े और स्वस्थ माहौल बना रहे। सोशल मीडिया पर टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग से भी चेतावनी दी गई है। चुनाव के लिए 4, 5 और 6 मार्च को तीन दिन की छुट्टी घोषित की गई है।

2 मार्च की आधी रात से 5 मार्च की आधी रात तक भारत-नेपाल बॉर्डर बंद रहा। बॉर्डर पर सख्त चेकिंग और केवल जरूरी वेरिफिकेशन के बाद क्रॉस करने की इजाजत थी। चुनाव से 7 दिन पहले से पूरे नेपाल में शराब पर बैन लगा है।

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अंतरिम प्रधानमंत्री की अपील क्या है?

नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सभी नागरिकों से बड़े संख्या में वोट डालने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह वोट देश की स्थिरता और समृद्धि तय करेगा, शांति नेपाल की पहचान है। यह चुनाव नेपाल के भविष्य के लिए बहुत अहम है।