संजय सिंह, पटना। पाकिस्तान में छपे जाली नोटों को बिहार के सीमावर्ती इलाकों में खपाया जा रहा है। एसटीएफ ने इस मामले में नेपाल और बिहार के लगभग 10 लोगों को पकड़ा है। इस घटना के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी भी सतर्क हो गई हैं। मुजफ्फरपुर के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों को सजग और सतर्क रहने की हिदायत दी है।
नेपाल के रास्ते पहुंच रहे जाली नोट
पाकिस्तान में 100 और 200 रुपये के जाली नोट धड़ल्ले से छापे जा रहे हैं। इन नोटों को पाकिस्तान से सीधे नेपाल भेजा जाता है। नेपाल में बैठे पाकिस्तानी एजेंट इस नकली रकम को बिहार के सीमावर्ती इलाकों में खपाते हैं। पशु और खनन कारोबारी के माध्यम से यह नोट बाजार में आसानी से खप जाते है। इन नोटों की प्रिंटिंग ऐसी है कि असली और नकली का फर्क कर पाना मुश्किल होता है।
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नेपाल से बिहार तक फैला नेटवर्क
- बिहार एसटीएफ और पुलिस ने जाली नोट के धंधे से जुड़े दो नेपाली कारोबारी तिलक बहादुर और सरोज को मोतिहारी से गिरफ्तार किया। इन दोनों के पास से 18.5 हजार की नकली भारतीय मुद्रा मिली है।
- पूछताछ के बाद मोतिहारी पुलिस ने सीतामढ़ी से छह और मधुबनी से दो अन्य लोगों को पकड़ा है। इनके पास जाली नोट छापने का कागज भी मिला है। कुछ दिन पहले ही एसटीएफ और एसएसबी की टीम ने मधुबनी में नकली नोट के कारोबारी मुकेश महतो और तिलकश पंडित को दबोचा था। इनके पास से 34600 रुपये के नकली नोट मिले थे।
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- मधुबनी में नो मेंस लैंड से 14 लाख रुपये के जाली नोट मिले थे। अब मामले में प्रदेश के अलावा केंद्रीय एजेंसी भी जुट गई हैं। आरोपियों को फोन और उनसे जुड़े नेटवर्क को तलाशा जा रहा है। अभी तक कई अहम सुराग मिले है। इसी के आधार पर सूची तैयार की जा रही है। मोतिहारी, बेतिया, सीतामढ़ी, शिवहर और मधुबनी के पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।