दूध की बात जब आती है तब हमारे दिमाग में गाय और भैंस का जिक्र सबसे पहले आता है। कुछ लोग बकरी और गधी के दूध का भी इस्तेमाल करते हैं। डेंगू के मामले में बकरी का दूध पीने की सलाद दी जाती है। उसी तरह से सेहत से जुड़ी समस्याओं के लिए कुछ लोग गधी के दूध का भी उपयोग करते हैं। पिछले कुछ सालों में गधी के दूध का मार्केट तेजी से बढ़ा है। इस दूध का सबसे ज्यादा इस्तेमाल औषधि और कॉस्मेटिक में किया जाता है।
कुछ लोग गधी की दूध का इस्तेमाल जोड़ों के दर्द, खांसी और घाव भरने के लिए करते हैं। इसके दूध में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया और कीटाणुओं से लड़ने में मदद करता है। गाय, बकरी, भैंस, ऊंट की दूध की तुलना में गधी के दूध को सबसे ज्यादा इंसानों के दूध जैसा माना जाता है। इसलिए इसे बच्चों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए ज्यादा हल्का और फायदेमंद माना जाता है।
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गधी के दूध में मिलने वाला पोषण
गधी के दूध में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स की अच्छी मात्रा होती है। इसमें फैट कम होता है और कैलोरी ज्यादा होता है। इसमें विटामिन डी की मात्रा ज्यादा होती है। इसके अलावा मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम और फास्फोरस, सोडियम और जिंक पाया जाता है। यह आपकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।
गधी के दूध का भाव
गधी के दूध का भाव प्रति लीटर 7000 रुपये है। यह अन्य जानवरों के दूध के मुकाबले सबसे ज्यादा महंगा है।
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गधी के दूध के फायदे
पाचन के लिए फायदेमंद- गधी के दूध में प्रोटीन, एंटी- माइक्रोबियल गुण होते है। ये बैक्टीरिया पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
लैक्टोज इनटॉलेरेंस- जिन लोगों को गाय या भैंस का दूध पीने में समस्या होती है उनके लिए गधी का दूध फायदेमंद है।
स्किन- गधी के दूध का इस्तेमाल ब्यूटी प्रोडेक्ट्स में किया जाता है। दुबई में गधी के दूध से बने साबुन की काफी डिमांड है। इजिप्ट की रानी क्लियोपेट्रा अपनी खूबसूरती बढ़ाने के लिए गधी के दूध से नहाती थी।