पाकिस्तान के कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमले के बाद ट्रंप प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने दोनों जगहों पर तैनात अपने गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को तुरंत पाकिस्तान से निकालने का आदेश दिया है। हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों पर भीड़ ने हमला किया। पुलिस कार्रवाई में कई लोगों की जान गई। इसके बाद से ही पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों में हालात तनावपूर्ण हैं।

 

अमेरिका ने पाकिस्तान भर में बढ़ते सुरक्षा खतरे का हवाला दिया और कराची व लाहौर स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों से गैर-आपातकालीन कर्मियों को बाहर निकलने का निर्देश दिया है। अपनी एडवाइजरी में अमेरिका ने अपने नागरिकों से खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास न जाने की सलाह दी। 

 

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एडवाइजरी में आगे कहा गया कि स्थानीय मीडिया पर नजर रखें। सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, होटलों और सरकारी या सैन्य स्थलों पर अलर्ट रहें। प्रदर्शन और भीड़ भाड़ वाली जगहों से बचें। यात्रा रूट और समय में भी हेरफेर कर लें। अपने सभी दस्तावेज सुरक्षित और अपने पास रखें। अपने परिवार, नियोक्ता और मेजबान के साथ संपर्क में रहें। आपातकालीन अपडेट के लिए स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) में रजिस्ट्रेशन करें।

 

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ब्रिटेन भी जारी कर चुका एडवाइजरी

अमेरिका से पहले ब्रिटेन ने भी अपने नागरिकों को पाकिस्तान में अलर्ट किया था। उनसे बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर और भारत से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा से दूरी बनाने की सलाह दी गई थी। यह भी कहा गया था कि कर्फ्यू जैसी स्थित में स्थानीय निर्देशों का पालन करें। घर पर रही रहें। खाना-पानी और दवाइयों को जमा कर लें।

यूएई में भी अमेरिकी दूतावास बंद

अमेरिका ने अबू धाबी स्थित दूतावास और दुबई में वाणिज्य दूतावास बंद कर दिया है। अगली सूचना तक यहां कोई सेवा नहीं दी जाएगी। सोशल मीडिया पोस्ट पर अमेरिकी दूतावास ने बताया कि अबू धाबी स्थित अमेरिकी दूतावास और दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास बंद कर दिए गए हैं, और अगली सूचना तक इन परिसरों में सेवाएं प्रदान नहीं की जा सकेंगी।