logo

ट्रेंडिंग:

'हम और क्या करते?' ईरान ने UAE, बहरीन पर हमला करने की वजह बता दी

इजरायल और अमेरिका की ओर से हुए हमले के बाद ईरान ने अपने ही पड़ोसी देशों को निशाना बनाया। अब ईरान के प्रतिनिधि ने इसके पीछे की वजह भी बताई है।

dr abdul majeed

ईरान के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद, Photo Credit Social Media

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

ईरान इन दिनों इजरायल और अमेरिका के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। ईरान अपनी जमीन से जो हमले कर रहा है वे अमेरिका के बजाय खाड़ी के देशों पर हो रहे हैं। सऊदी अरब, ओमान, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात को निशाना बनाने को लेकर पूछे गए सवाल के बारे में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के प्रतिनिधि ने खुलकर जवाब दिया है। उनका कहना है कि अमेरिका ने तेहरान पर हमला करके कोई विकल्प नहीं छोड़ा था। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर हमले रोके जाते हैं तो अमेरिका इस बात की गारंटी दे कि वह आगे कोई हमला नहीं करेगा। ईरान ने यह भी बताया है कि आखिर उसने अपने ही पड़ोसी देशों पर हमला क्यों कर दिया।

 

ईरान पर हुए हमले के बाद उसने अपने ही पड़ोसी देशों पर हमला किया और इसको लेकर आलोचना भी हो रही है। आशंका जताई जा रही है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो ईरान के पड़ोसी देश मिलकर उसके खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन शुरू कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है कि पश्चिमी एशिया के देशों में विश्व युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।

 

यह भी पढ़ें: 2 करोड़ की फ्लाइट टिकट! जान बचाने के लिए सब दांव पर लगा रहे युद्ध में फंसे लोग

 

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ ईरान के युद्ध और तमाम मुद्दों पर ANI से बातचीत की है। इस बातचीत में अब्दुल मजीद का कहना है कि अमेरिका किसी भी सूरत में नहीं चाहता कि भारत और चीन जैसे देश आगे चलकर सुपर पावर बनें इसीलिए वह अशांति फैलाना चाहता है। उन्होंने इस युद्ध के बारे में कहा है कि जिस तरह  से अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, उसके बाद ईरान के पास कोई और विकल्प नहीं बचा था। अब्दुल मजीद का कहना है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है लेकिन यह तभी हो सकता है जब सम्मान के साथ बातचीत हो।

पड़ोसियों पर क्यों किया हमला?

 

ANI से बातचीत में डॉ. अब्दुल मजीद ने कहा है, 'पिछले 100 साल में ईरान ने कभी भी अपने किसी पड़ोसी पर हमला नहीं किया। हम अपने पड़ोसियों से हमेशा अच्छे रिश्ते चाहते हैं। रिश्ते हमेशा अच्छे भी रहे हैं लेकिन हमें यह समझना होगा कि अमेरिका ईरान से हजारों किलोमीटर दूर है। अमेरिका ना तो इस क्षेत्र में है और ना ही वह हमारा पड़ोसी है। इजरायल और अमेरिका ने हमारे पड़ोसी देशों के कुछ बेस का इस्तेमाल किया और इनके जरिए ही हम पर हमला किया। ये अमेरिका के बेस हैं और ये देश उनका इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। जब हमें अपनी रक्षा करनी थी तो हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। हमें इन अमेरिकी बेस पर ही हमला करना था।'

 

यह भी पढ़ें: AI से बनाए युद्ध के वीडियो तो रुक जाएंगे पैसे, X ने क्रिएटर्स को दी चेतावनी

 

वह आगे कहते हैं, 'हमने अरब देशों, अपने दोस्तों और अपने अच्छे पड़ोसियों की सूचना दी कि हम आप पर हमला नहीं कर रहे हैं और हम सभी शर्तों का सम्मान करते हैं। हम इन बेस पर हमला करेंगे। हमने उन्हें बताया कि हमें अपनी रक्षा करनी होगी। अगर हम चुप रहे तो अमेरिका हम पर हमले करता ही रहेगा। हमने जहां भी हमला किया इसी वजह से किया क्योंकि ये लोग अमेरिका का साथ दे रहे थे।'

 

बातचीत के लिए तैयार है ईरान?

 

युद्ध रोककर बातचीत करने के सवाल पर डॉ. अब्दुल मजीद कहते हैं, 'इस स्थिति में कोई भी बातचीत के लिए तैयार नहीं होगा। आप हम पर हमला करो और हम समझौता कर लें? नहीं, ऐसा नहीं होगा। अगर ये लोग युद्ध रोकें और हमें गारंटी दें कि फिर से हमला नहीं करेंगे और ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध हटाएं तब हम बातचीत के लिए तैयार हैं। हम भी शांति चाहते हैं। यह हमारे हाथ में नहीं है। यह अमेरिका और जायोनिस्ट के हाथ में हैं। उन्होंने ही शुरू किया है, उन्हें ही खत्म करना होगा।'

 

यह भी पढ़ें: 'सारे रिश्ते खत्म...', ईरान से लड़ाई के बीच UK, स्पेन पर क्यों भड़के ट्रंप?

 

 

वह आगे कहते हैं, 'अमेरिका का लक्ष्य ईरान ही नहीं है। ईरान के बाद वे बाकी देशों को निशाना बनाएंगे। भविष्य में सत्ता का केंद्र शिफ्ट होगा। भारत, रूस, चीन और अमेरिका जैसे देश सबसे शक्तिशाली देश होंगे। अमेरिका नहीं चाहता कि चीन और भारत जैसे देश शक्तिशाली बनें।'

 

समझौते के सवाल पर उनका कहना है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है लेकिन यह काम सम्मान के साथ होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि ईरान अपनी रक्षा कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।


और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap