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2 करोड़ की फ्लाइट टिकट! जान बचाने के लिए सब दांव पर लगा रहे युद्ध में फंसे लोग

पश्चिमी एशिया के देशों में मचे बवाल के चलते लोग वहां से किसी भी तरह निकलना चाह रहे हैं। इसका नतीजा यह हुआ है कि चार्टर्ड फ्लाइट का किराया दोगुना हो गया है।

some people boarding chartered plane

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Sora AI

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ईरान पर हुए हमले के बाद से पश्चिमी एशिया के देशों में खलबली मची हुई है। लगभग हर देश में हो रहे हवाई हमलों के चलते एयरस्पेस बंद कर दिए गए हैं और ज्यादातर एयरलाइन कंपनियों ने अपने फ्लाइट ऑपरेशन रोक दिए हैं। इसका असर यह हुआ है कि चार्टर्ड फ्लाइट की बुकिंग और महंगी हो गई है। अरब के कई देशों में अब चार्टर्ड प्लेन की बुकिंग की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ गई है। अगर रुपयों में देखा जाए तो अरब के देशों से यूरोप तक जाने की चार्टर्ड फ्लाइट डेढ़ से 2 करोड़ रुपये में बुक हो रही है।

 

भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने कुछ देशों से फ्लाइट शुरू की हैं लेकिन अभी भी हजारों लोग इन देशों में फंसे हुए हैं। भारत के अलावा यूरोपीय देशों के भी हजारों लोग इन देशों में हैं और हर दिन मौत के साए में जी रहे हैं। ऐसे में जिनके पास पैसे हैं वे अपना सब कुछ लुटाकर भी निकलना चाहते हैं। PTI एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई, अबू धाबी, दोहा और कतर के ज्यादातर एयरपोर्ट बंद होने के चलते चार्टर्ड फ्लाइट का किराया 2 लाख यूरो यानी 2 करोड़ रुपये से भी ज्यादा जा रहा है।

कैसे निकल रहे हैं लोग?

सबसे सुरक्षित माने जाने वाले दुबई शहर का हाल ऐसा है कि लोग वहां से कैसे भी निल जाना चाहते हैं। ये लोग चार-पांच या 10 घंटे तक का सफर तय करके मस्कट ओरमान या रियाद तक जा रहे हैं। इसके बाद ये लोग फ्लाइट या चार्टर्ड फ्लाइट लेकर अपने देश लोट रहे हैं। फ्रांस की प्राइवेट जेट ब्रोकर कंपनी JET-VEP के सीईओ एल्टी कुला कहते हैं कि डिमांड इतनी ज्यादा है कि सब को प्लेन मिल भी नहीं पा रहा है।

 

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वह बताते हैं, 'आम दिनों में अगर रियाद से पुर्तगाल के पोर्तो शहर जाना हो तो 16 सीटर चार्टर्ड प्लेन का किराया लगभग 1 लाख यूरो पड़ता है लेकिन इन दिनों यह दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। इसकी वजह यह है कि अब खतरा ज्यादा है, रीपोजिशनिंग का खर्च बढ़ा है और कई बार दूसरे रास्ते भी लेने पड़ रहे हैं।'

 

विमान प्राइवेट जेट के CEO अमीर नारन बताते हैं, 'कहां से कहां जाना है, किस टाइप का प्लेन है और रूट कैसा है, इसके हिसाब से पैसे कम या ज्यादा हो सकते हैं। खाड़ी के देशों से यूरोप जाने के लिए 1.5 से 2 लाख यूरो यानी लगभग 1.5 से 2 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।'

 

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इतना ही नहीं, रियाद और मस्कट के चालू एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए भी लोग प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनियों की मदद ले रहे हैं ताकि वे सुरक्षित रहें। ये कंपनियां कार या बसों का इंतजाम करके लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचा रही हैं। लोगों की भागमभाग के चलते सड़कों पर भी जाम की स्थिति बन रही है और लोगों को घंटों का समय लग जा रहा है।


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