खराब लाइफस्टाइल का असर हमारे दिल पर पड़ रहा है। पिछले कुछ सालों में हार्ट संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। ज्यादातर लोगों को हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर एक ही लगता है लेकिन दोनों अलग-अलग हैं। हार्ट फेलियर का मतलब यह नहीं है कि दिल ने काम करना बंद कर दिया है। इसका मतलब है कि दिल पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पा रहा है जिसकी वजह से ब्लड ठीक से पंप नहीं हो रहा है। इस वजह से थकान, सांस फूलना और कमजोरी जैसे दिक्कतें महसूस होती हैं।
क्या आप जानते हैं कि आप हार्ट फेलियर के जोखिम का पता खुद लगा सकते हैं। इस टेस्ट को करने के लिए आपको सिर्फ 5 सेकंड का समय चाहिए। आइए जानते हैं क्या है 5 सेकंड लेग टेस्ट? जिसकी मदद से हार्ट फेलियर का पता लगा सकते हैं।
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5 सेकंड हार्ट फेलियर टेस्ट
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार जब हार्ट सही तरीके से ब्लड को दूसरे अंगों में नहीं पहुंचा पाता है। उस समय शरीर के विशेष अंगों खासतौर से पैरों, टखनों में तरल पदार्थ बनना शुरू हो सकता है। यह तरल पदार्थ हार्ट फेलियर की शुरुआती और सबसे आम लक्षणों में से एक है। पैरों में ये तरल पदार्थ तब महसूस होता है जब आप लंबे समय बैठे या खड़े रहते हैं।

5 सेकंड लेग टेस्ट कैसे करते हैं?
- आराम से बैठें या लेटें
- एक पैर को हृदय के स्तर से ऊपर उठाएं रखें।
- पैर को 5 सेकंड के लिए रोके रखें।
इसके बाद पैर को नीचे करें और देखें कि क्या होता है। अगर पैर नीचे करने के बाद आपके पैर या टखने में सूजन जल्द लौट आती है तो यह तरल पदार्थ के जमने का संकेत हो सकता है। जो लोग पूरी तरह से स्वस्थ है उनमें कोई भी सूजन आमतौर पर जल्दी ठीक हो जाती है और तुरंत दोबारा नहीं होती है।
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क्यों फायदेमंद है टेस्ट?
जब हार्ट खून को ठीक से पंप नहीं कर पाता है तब खून नसों और शरीर के निचले हिस्से में जमा होने लगता है। जब नसों में दबाव बढ़ता तो खून से तरल पदार्थ बाहर निकलकर आसपास के टिश्यू में जमा हो जाता है जिससे सूजन आ जाती है।
NHS के मुताबिक हार्ट फेलियर का एक आम लक्षण टखनों और पैरों में सूजन होना है। यह सूजन अक्सर सुबह कम होती है लेकिन दिन बढ़ने के साथ-साथ बढ़ जाती है। यह 5 सेकंड टेस्ट सिर्फ हार्ट फेलियर ही नहीं इस बात का संकेत भी देता है कि शरीर में तरल पदार्थ जमा हो रहा है।

पैरों में सूजन होने के कई कारण हो सकते हैं
- नसों का फूलना
- किडनी की बीमारी
- लिवर से जुड़ी बीमारी
- कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट
- लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना
अगर सूजन बार-बार हो जल्दी वापस आ जाए और लंबे समय तक बनी रहे तो इसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए।
कब है चिंता की बात?
- लेटने पर या आराम करते समय सांस फूलना
- अक्सर थकावट महसूस होना
- दिन के अंत तक टखनों, पैरों या पैरों के निचले हिस्से में सूजन
- रात में लगातार खांसी या सीटी जैसी आवाज के साथ सांस आना
- थोड़ा खाने पर ही पेट भरा-भरा लगना या सूजन महसूस होना
अगर ऐसे लक्षण लगातार दिख रहे हों, तो खुद से टेस्ट पर भरोसा करने की बजाय डॉक्टर से जांच कराना बहुत ज़रूरी है। समय पर पहचान और इलाज से हार्ट फेलियर को काफी हद तक संभाला जा सकता है।
