आज के दौर में 'लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप' कई कपल्स के लिए एक सच्चाई बन चुकी है। चाहे करियर की बात हो या बेहतर भविष्य के लिए की जाने वाली पढ़ाई, अक्सर ये दूरियां पार्टनर के बीच तनाव और असुरक्षा पैदा कर देती हैं लेकिन रिलेशनशिप थेरेपिस्ट्स और स्पेशलिस्ट का कहना है कि ये दूरियां आपके रिश्ते को खत्म करने के बजाय उसे और भी ज्यादा मजबूत बनाने का मौका दे सकती हैं।
'लास्टिंग' ऐप के डेटा और स्पेशलिस्ट की गहरी रिसर्च के आधार पर यह साफ हुआ है कि अगर कुछ बुनियादी नियमों और आदतों को अपना लिया जाए तो दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर आप अपने पार्टनर के साथ एक खुशहाल रिश्ता निभा सकते हैं। अगर पार्टनर्स के बीच सही तालमेल, अटूट विश्वास और भविष्य को लेकर एक साफ और एक जैसा नजरिया हो तो यह दूरी आपके रिश्ते की नींव को और भी अधिक मजबूत और अटूट बना सकती है।
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1. बातचीत का सही शेड्यूल और तरीका
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हर कपल की जरूरतें अलग होती हैं। कुछ को हर घंटे अपडेट चाहिए तो कुछ को दिन में एक कॉल भी काफी लगती है। यह जरूरी है कि आप आपस में बैठकर यह चर्चा करें कि आपके लिए बातचीत का कौन सा तरीका सबसे अच्छा है। क्या आप टेक्स्टिंग पसंद करते हैं या वीडियो कॉल? एक शेड्यूल बनाएं और अपनी कॉल्स को किसी जरूरी अपॉइंटमेंट की तरह जरूरी समझे।
2. इमोशनल कॉल्स पर ध्यान देना
रिश्ते में सबसे जरूरी है एक-दूसरे की 'इमोशनल कॉल्स' को पहचानना। इसका मतलब है कि जब भी आपका पार्टनर जुड़ाव महसूस करने के लिए कोई मैसेज दे जैसे एक छोटा सा 'मिस यू' मैसेज, तो उसे नजरअंदाज न करें। रिसर्च के मुताबिक जो कपल्स एक-दूसरे की इन छोटी जरूरतों का जवाब देते हैं, उनका रिश्ता ज्यादा टिकता है।
3. भरोसा और एश्योरेंस
दूर रहने पर मन में असुरक्षा, जलन और शक आना सामान्य है। इसे खत्म करने का एकमात्र तरीका है 'बोलकर प्यार जताना'। पार्टनर को बार-बार यह यकीन दिलाएं कि वे आपकी जिंदगी में कितने जरूरी हैं। अपनी निष्ठा और प्यार को शब्दों में बयां करने से रिश्ते में सुरक्षा का अहसास बना रहता है।
4. पर्सनल ग्रोथ और आत्मनिर्भरता
एक हेल्दी रिश्ते का मतलब यह नहीं कि आप 24 घंटे फोन से ही चिपके रहें। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि पार्टनर्स को अपनी अलग पहचान और शौक बनाए रखने चाहिए। जब आप खुद खुश रहते हैं और अपने करियर पर ध्यान देते हैं तो आप रिश्ते में भी सकारात्मकता लाते हैं। पार्टनर को नई चीजें सीखने और आगे बढ़ने के लिए पूरा स्पेस और सपोर्ट देना जरूरी है।
5. वर्चुअल डेट्स और शेयरिंग एक्टिविटीज
सिर्फ बातें करना ही काफी नहीं है दूर रहकर भी साथ में कुछ करना जरूरी है। तकनीक का फायदा उठाकर साथ में ऑनलाइन फिल्में देखें एक ही किताब पढ़कर उस पर चर्चा करें या ऑनलाइन गेम्स खेलें। एक ही समय पर एक जैसा खाना ऑर्डर करके वीडियो कॉल पर साथ में डिनर करना मानसिक नजदीकी को बढ़ाता है और 'अकेलेपन' को कम करता है।
6. झगड़ों को टालें नहीं, सुलझाएं
लॉन्ग डिस्टेंस में रहने वाले लोग अक्सर मिलने पर झगड़ा करने से बचते हैं ताकि वे अपना सीमित समय खराब न करें लेकिन थेरेपिस्ट्स के मुताबिक कड़वाहट को मन में दबाना भविष्य के लिए नुकसानदेह है। अगर कोई बात बुरी लगी है तो उस पर शांति से बात करें। चिल्लाने या आरोप लगाने के बजाय अपनी भावनाओं को ईमानदारी से शेयर करना ही समझदारी है।
7. पॉजिटिव सोच
इस दूरी को एक मजबूरी या सजा मानने के बजाय एक मौके की तरह देखें। इस समय का इस्तेमाल अपने परिवार पुराने दोस्तों और अपने सपनों को पूरा करने में करें। हमेशा याद रखें कि आप इस वक्त दूर क्यों हैं चाहे वह बेहतर करियर हो या भविष्य की सुरक्षा। जब आप इस उद्देश्य का सम्मान करते हैं तो दूरी का अहसास कम तकलीफ देने वाला होता है।
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8. एक निश्चित 'एंड प्लान' होना
किसी भी लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप के टिकने की सबसे बड़ी वजह यह होती है कि उन्हें पता होता है कि यह दूरी हमेशा के लिए नहीं है। आपस में बातें करें कि आप कब हमेशा के लिए एक साथ रहने वाले हैं। चाहे वह शादी हो जॉब ट्रांसफर हो या किसी नए शहर में शिफ्ट होना एक निश्चित लक्ष्य होने से प्रेजेंट की मुश्किलें सहना आसान हो जाता है।
