खराब लाइफस्टाइल का असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। खासतौर से युवाओं में किडनी स्टोन (पथरी) के मामले तेजी से बढ़े हैं। नेशनल किडनी फाउंडेशन के अनुसार हर 10 में से 1 व्यक्ति किडनी स्टोन की बीमारी से पीड़ित है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किडनी स्टोन किन कारणों से होता और इससे बचने का क्या तरीका है? इस बारे में हमने मोहाली के शैल्बी अस्पताल की कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट फिजिशियन डॉक्टर सुखवीर कौर गिल से बात की।
डॉक्टर सुखवीर कौर गिल ने बताया, 'किडनी स्टोन का मुख्य कारण सीडेंटरी लाइफस्टाइल, ओबेसिटी और डिहाइड्रेशन है।' इस गंभीर बीमारी से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है।
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पथरी होने के मुख्य कारण क्या हैं?
- डिहाइड्रेशन की समस्या- पानी की कमी की वजह से पथरी होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहे हैं तो धीरे-धीरे यह समस्या गंभीर हो सकती है।
- सेडेंटरी लाइफस्टाइल - पथरी होने का दूसरा मुख्य कारण सेडेंटरी लाइफस्टाइल है। यह एक जीवनशैली है जिसमें हम घंटों एक ही जगह पर बैठकर काम कर रहे हैं। वहीं पर बैठकर खा रहे हैं और फिजिकल एक्टिविटी ना के बराबर कर रहे हैं।
क्या एसी में बैठने से पथरी होती है?
एसी से सीधे तौर पर किडनी स्टोन होने का खतरा नहीं होता है लेकिन जैसे हम ऑफिस या वर्क फ्रॉम होम में एसी में बैठकर घंटों काम कर रहे हैं। उसके साथ नमक वाले चिप्स खा रहे हैं, कुकीज खा रहे हैं और पानी नहीं पी रहे हैं। ये चीजें शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या को बढ़ा देती है। इस वजह से पथरी होने का खतरा बढ़ सकता है
पथरी के लक्षण
- पीठ, पेट के निचले हिस्से, या कमर में अचानक से तेज दर्द होना
- बार-बार पेशाब आना
- पेशाब आते समय जलन महसूस होना
- पेशाब में खून आना
क्या होती है पथरी?
पानी नहीं पीने की वजह से यूरिन गाढ़ा हो जाता है। गाढ़ा होने के बाद यूरिन में जो मिनरल्स होते हैं वे क्रिस्टल बनकर किडनी में जमा होने लगते हैं। किडनी स्टोन के 80% से ज्यादा मामले में कैल्शियम ऑक्सालेट के होते है। दूसरे नंबर पर कैल्शियम फॉस्फेट रहता है। इसके अलावा यूरिक एसिड से भी स्टोन बनता है।
स्ट्रुवाइट स्टोन (Struvite Stones) किडनी में बनने वाली एक विशेष प्रकार की पथरी है जो मुख्य रूप से लंबे समय तक रहने वाले मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) के कारण बनती है। ये मैग्नीशियम, अमोनियम और फॉस्फेट से बनी होती हैं।
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बचाव
- मरीज को सलाह दी जाती है कि अगर आपके यूरिन से स्टोन पास हो रहा है तो उसका टेस्ट करवाया ताकि पता चल जाएगा कौन सा स्टोन है? आज कल इस तरह के टेस्ट उपलब्ध है जिससे स्टोन के टाइप के बारे में पता चल सकता है। अगर हमें स्टोन पता लग जाएगा तो हम उन्हें उसके हिसाब से दवाएं देंगे।
- जब स्टोन के बारे में नहीं पता है तो उन्हें कैल्शियम से जुड़ी सारी गाइडलाइन के बारे में बताते हैं।
- पथरी के मरीज को रोजाना 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए।
- एक्स्ट्रा सॉल्ट न खाएं, जैसे कि आचार, फलों पर नमक न लगाकर न खाएं आदि।
- कुछ चीजों में ऑक्सालेट की मात्रा ज्यादा होती है। उन चीजों को खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है जैसे की पालक, चॉकलेट, नट्स आदि।
- पथरी के मरीज कैल्शियम को बिल्कुल ही बंद कर देते हैं। ऐसे में हमारी गाइडलाइन होती है कि बाहर से कैल्शियम सप्लीमेंट न लें। नेचुरल कैल्शियम तो शरीर के लिए जरूरी है। उसे लेना बंद नहीं करना है।
- विटामिन सी वाली चीजों को नियमित मात्रा में लें।
