हम सभी जानते हैं कि सुबह का नाश्ता बहुत जरूरी है। नाश्ता हमेशा हेल्दी और पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए ताकि शरीर को एनर्जी मिले और बिना थके काम कर सकें। कुछ लोग नाश्ते में ब्रेड, चाय, ऑमलेट आदि का सेवन करते हैं। कुछ सिर्फ फ्रूट्स या जूस पीकर चले जाते हैं। वहीं, पोषक विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेकफास्ट में हमेशा प्रोटीन वाली चीजों को ज्यादा रखना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अन्य चीजों को नजर अंदाज कर देना है। सभी चीजों को नियमित मात्रा लें। हमेशा बैलेस डाइट लेना चाहिए।

 

हमने न्यूट्रीप्लस की डायरेक्टर और सीनियर क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर अंजलि फाटक से इस बार में बात की। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों हमारा डाइट में प्रोटीन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस लेने से आपका वजन ही नहीं नियंत्रित रहता है बल्कि मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट होता है। आइए जानते हैं नाश्ते में प्रोटीन क्यों जरूरी है?

 

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प्रोटीन लेने के फायदे

प्रोटीन सिर्फ वजन घटाने में ही मदद नहीं करता है बल्कि ये मसल्स को बढ़ाने का भी काम करता है। साथ ही मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है। कई बार लोगों को पर्याप्त मात्रा में डाइट नहीं लेने से हार्मोनल इम्बैलेंस की समस्या हो जाती है। हार्मोन के असंतुलन का मुख्य कारण प्रोटीन की कमी ही होता है।

 

मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है- जब आप प्रोटीन वाला ब्रेकफास्ट खाते हैं तो उसे पचाने में समय लगता है और आपको संतुष्टि भी महसूस होती है। इससे आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है। वहीं, जब आप कार्बोहाइड्रेट वाला ब्रेकफास्ट खाते हैं तो भूख जल्दी लग जाती है।

 

जब आप नाश्ते में  स्प्राउट्स खाते हैं तो आपको 4 से 5 घंटे बाद भूख लगती है लेकिन जब आप कार्ब्स या रिफाइंड वाली चीजें खाते हैं तो आपको जल्दी भूख लगती है। प्रोटीन आपकी भूख को दबाने का काम करता है। प्रोटीन को पचाने के लिए शरीर को ज्यादा एनर्जी खर्च करनी पड़ती है। इसलिए उसे प्रोटीन को थर्मोजेनेसिस फूड कहा जाता है। जब आप प्रोटीन वाला नाश्ता करते हैं तो शरीर का मेटाबॉलिज्म ऐक्टिव हो जाता है, साथ ही उसे पचाने के लिए ज्यादा एनर्जी भी खर्च करता है। 

 

वजन को कंट्रोल करता है- उन लोगों को मीठा खाने की क्रेविंग ज्यादा होती है जिन लोगों की डाइट में प्रोटीन की मात्रा कम होती है। ये आपके घ्रेलिन (हंगर हार्मोन) को कम करता है और लेप्टिन हार्मोन को बढ़ता है। घ्रेलिन आपकी भूख को कंट्रोल करता है और लेप्टिन हार्मोन संतुष्टि को बढ़ाता है। प्रोटीन लेने वाले लोगों की कैलोरी इनटेक कम होता है क्योंकि उनका पेट भरा हुआ होता है। खासतौर से जो लोग प्रोटीन डाइट लेते हैं उनके पेट के आस-पास चर्बी कम जमा होती है। 

 

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मसल्स को बढ़ाता है- रात भर शरीर कैटाबॉलिक स्टेज में होता है। इस वजह से मसल लॉस होने का खतरा रहता है। प्रोटीन लेने से उसे कम किया जा सकता है। इसके अलावा बल्ड शुगर को कंट्रोल करने में कम करता है। जिन लोगों को टाइप  2 डायबिटीज है उन्हें प्रोटीन वाली चीजें खानी चाहिए। 30 से 40 के बीच में खासतौर से महिलाओं में फैट बढ़ जाता है और मसल लॉस ज्यादा हो जाता है। अगर आपकी मसल्स मजबूत है तो आप यंग नजर आएंगे। 

 

इन चीजों में होता है प्रोटीन

 

ओट्स, दही, नट्स, बेसन का चीला, नट्स, ग्रीक योगर्ट, सीड्स, पनीर भुर्जी, सत्तू, मल्टी ग्रेन की रोटी लें सकते हैं।