हाल ही में खुलासा हुआ है कि कई सरकारी कंपनियां ऐसी हैं जो हजारों करोड़ के घाटे में चल रही हैं। सबसे ज्यादा घाटे में चल रही कंपनियों में भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन जैसी कंपनियां शामिल हैं। मार्च 2023 में खत्म हुए वित्त वर्ष के लिए कॉम्प्टोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) की रिपोर्ट हाल ही में खत्म हुए बजट सत्र के दौरान संसद में रखी गई थी। इसमें से एक रिपोर्ट देश की सेंट्रल पब्लिक सेक्टर कंपनियों की भी है। इसमें यह बताया गया है कि देश की पब्लिक सेक्टर कंपनियां कैसा काम कर रही हैं और वे कितने फायदे या घाटे में हैं।
CAG रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2023 तक में केंद्र सरकार की कुल 716 पब्लिक सेंक्टर एंटरप्राइजेज (PSE) थीं। इसमें 501 सरकारी कंपनियांस 209 सरकारी नियंत्रण वाली और 6 वैधानिक कॉर्पोरेशन थे। CAG की इस रिपोर्ट में 655 CPSE को कवर किया गया है जिसमें 469 सरकारी कंपनियों और 186 सरकारी नियंत्रण वाली कंपनियों को कवर किया गया है।
कितनी बड़ी हैं सरकारी कंपनियां?
आंकड़ों के मुताबिक, इन 469 कंपिनयों का पेड़ अप कैपिटल कुल 11,48,276करोड़ है। 274 कंपनियों का शुद्ध लाभ उस साल 2,54,239 करोड़ था और 181 कंपनियों का घाटा 45,250 करोड़ था। 12 कंपनियां ऐसी भी थीं जिनको ना तो घाटा हुआ और ना ही वे फायदे में थीं। इन 469 कंपनियों के पास कुल 25.17 लाख करोड़ की संपत्ति थी।
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2021-22 में कुल 9 कंपनियों का लाभ 10 हजार करोड़ से ज्यादा था लेकिन 2022-23 में इन कंपनियों की संख्या घटकर 7 रह गई। वहीं, 1000 से 10 हजार करोड़ के बीच लाभ कमाने वाली संख्या 23 से बढ़कर 34 हो गई। 1 हजार करोड़ से कम लाभ कमाने वाली संख्या 233 थी। सबसे ज्यादा लाभ ONGC ने कमाया और एक साल में कुल 38,829 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। NTPC ने 17,197 करोड़, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड ने 15,333 करोड़, कोल इंडिया लिमिटेड ने 14,802 करोड़ और REC लिमिटेड ने 11,055 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।
कौन सी कंपनी कितने घाटे में है?
CAG रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022-23 में कुल 9 कंपनियों का घाटा, घाटे में चल रही 181 कंपनियों के कुल घाटे के 84.84 प्रतिशत के बराबर था। साल 2022-23 में सरकारी नियंत्रण वाली 186 में से 49 कंपनियों का नुकसान 5735 करोड़ था जबकि 2021-22 में 180 में से 51 कंपनियों का घाटा 2406 करोड़ रुपये था।
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सबसे ज्यादा घाटे में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड थी जिसने एक साल में 8974 करोड़ रुपये गंवाए। दूसरे नंबर पर रही BSNL को 8162 करोड़ का नुकसान हुआ। वहीं, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को 1570 करोड़, MTNL को 2911 करोड़, भारत पेट्रो रिसोर्स लिमिटेड को 2253 करोड़, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 3865 करोड़, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 4968 करोड़, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड को 2859 करोड़ और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 2829 करोड़ का नुकसान हुआ है।
