संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। संसद में सरकार ने विपक्षी दलों की सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें विपक्ष के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए हैं। सर्वदलीय बैठक के बाद बाहर आए विपक्षी सांसदों ने इशारा किया है कि बजट सत्र में हंगामा होने के आसार हैं। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी और विपक्ष के कुछ बड़े नेताओं ने यह बताया है कि संसद में किन मद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा क्या सवाल पूछे जाएंगे।
संसद के बजट सत्र में मनरेगा, मोदी सरकार की विदेश नीति, अमेरिकी शुल्क, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट, वायु प्रदूषण और जनहित के कई विषयों पर विपक्ष सरकार से कड़े सवाल पूछने की तैयारी में है। सरकार ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें बजट सत्र को लेकर चर्चा की गई। कांग्रेस ने इसे लेकर विरोध दर्ज कराया और साफ कहा है कि सरकार ने कोई विधायी एजेंडा सामने नहीं रखा है।
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सरकार का एजेंडा क्या है?
सरकार का कहना है कि एजेंडा बाद में दिया जाएगा। सत्र का पहला भाग राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए जाने वाले धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और केंद्रीय बजट पर चर्चा पर केंद्रित होगा। राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार संविधान से मिले अधिकारों को खत्म कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।
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विपक्ष का क्या एजेंडा क्या है?
प्रमोद तिवारी:-
विपक्ष विदेश नीति का विषय भी उठाएगा। हमारी विदेश नीति कहां पहुंच गई? कोई हमारे साथ खड़ा नहीं है। हमें यह भी नहीं पता चल रहा कि किसके साथ चलें, कौन हमारे साथ चलेगा। सरकार की आर्थिक नीति की बात करें तो रुपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका की ओर से लगातार टैरिफ जारी है और रूसी तेल का मुद्दा भी है। दिल्ली और दूसरी जगहों पर हमने वायु प्रदूषण का जो सबसे भयानक रूप देखा है, उसे देखते हुए हम यह मुद्दा भी उठाएंगे। हम इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौतों का मुद्दा भी उठाएंगे।
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और किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
प्रमोद तिवारी ने कहा है कि मनरेगा का मुद्दा भी बेहद अहम है क्योंकि इस योजना की जगह नया कानून लाकर न केवल इसके नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार खत्म किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली, वोट चोरी और बेरोजगारी के मुद्दों को भी इस सत्र के दौरान उठाया जाएगा।
TDP-BJD की मांग क्या है?
कांग्रेस सांसद कोडिकुनिल सुरेश ने कहा कि विपक्ष की मांग है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को बहाल किया जाए। तेलुगू देशम पार्टी के सांसद लावू श्रीकृष्ण देवरायालू ने कहा कि भारत जिन अलग-अलग मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा है, उन पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने हैदराबाद की तर्ज पर अमरावती को 'कानूनी दर्जा' देने की भी मांग की है। बीजू जनता दल के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ओडिशा में किसानों की परेशानी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का विषय उठाएगी। महानदी जल विवाद का मुद्दा भी उठ सकता है।
