NEET UG में पेपर लीक के बाद दोबारा हो रही परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और स्थानीय प्रशासन ने सख्ती बरती है। इन सख्तियों का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अजमेर में बुर्का पहनकर आई एक अभ्यर्थी ने शिकायत की है कि उसे परीक्षा केंद्र में बुर्का पहनकर शामिल नहीं होने दिया जा रहा है, जबकि NTA ने ऐसी कोई रोक नहीं लगाई है।
कुलसुम बानो अजमेर में NEET UG की परीक्षा देने आईं थीं। उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। परीक्षा केंद्र के भीतर जाने की इजाजत नहीं दी गई। वह एनटीए की गाइडलाइन के हिसाब से ही तैयार होकर आईं थीं, उन्हें परीक्षा देने से रोक दिया गया। उनका आरोप है कि उन्हें दुपट्टा और बुर्का उतारने के लिए कहा गया। कुसलुम बानो, राजस्थान के ब्यावर से आती हैं।
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'अगर इन कपड़ों में एंट्री नहीं दी तो एग्जाम नहीं देने देंगे'
कुलसुम बानो ने कहा, 'मैं NEET का एग्जाम देने ब्यावर से आई हूं। जब मैंने 3 मई को एग्जाम दिया था, तब भी मैंने वही कपड़े पहने थे जो अभी पहने हैं, बुर्का और दुपट्टा। शुरू में उन्होंने कहा कि अंदर जाने के लिए दुपट्टा हटाना होगा, फिर उन्होंने जोर दिया कि बुर्का भी हटाना होगा। अगर NTA ने हमें इजाजत दी है तो ये लोग हमें रोक नहीं सकते।'
कुलसुम बानो, NEET UG अभ्यर्थी:-
अगर मुझे एग्जाम देना है और वे मुझे इन कपड़ों में अंदर नहीं आने देते, तो मैं एग्जाम ही नहीं दूंगी। यह शर्म की बात है कि वे 18 साल के युवाओं के साथ ऐसा कर रहे हैं। एग्जाम मेरे लिए मायने नहीं रखता। मेरे लिए मेरा 'बुर्का' और मेरी पहचान मायने रखती है।
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कुलसुम बानो के पिता ने क्या कहा?
कुलसुम बानो के पिता मोहम्मद आलिम ने कहा, 'एनटीए के नियम 18 के अनुसार धार्मिक वेश में परीक्षा देने की अनुमति है। उन्होंने महिला स्टाफ बुलाकर स्क्रीन के पीछे प्राइवेट चेकिंग का प्रस्ताव भी दिया, लेकिन अधिकारियों ने मना कर दिया।'
पुलिस अधिकारी क्या कह रहे हैं?
सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने कहा, 'समय के अनुसार सभी छात्रों को प्रवेश दिया गया और गेट बंद कर दिए गए। बुर्का को लेकर कुछ स्पष्टता की कमी थी, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कर दिया। अब मामला सुलझ गया है और सभी छात्र शांति से परीक्षा देने में लगे हैं।'


