दिल्ली में कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तिरंगा मार्च के दौरान अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया। वहीं अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
आज दिन में अभिजीत दीपके को नई दिल्ली SEM कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद SEM कोर्ट तय करेगा कि अभिजीत दीपके जेल भेजे जाएंगे या जमानत पर रिलीज होंगे। अभिजीत दीपके शाम को मार्च के लिए निकले थे लेकिन कुछ ही देर बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। उस वक्त वह पुलिस से पूछ रहे थे कि उन्होंने किस कानून का उल्लंघन किया है।
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सीजेपी के संस्थापक को मिली थी एक नोटिस
हिरासत में लिए जाने से पहले अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने एक नोटिस दिया था, उनसे रैली में शामिल न होने को कहा था। इस नोटिस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला दिया गया था। नोटिस में कहा गया कि कनॉट प्लेस प्रदर्शन के लिए अधिसूचित स्थल नहीं है। प्रदर्शन के लिए तय स्थानों पर आवश्यक अनुमति लेकर और अनुमति मिलने के बाद ही प्रदर्शन किया जा सकता है।
अभिजीत दीपके जब शाम को मार्च स्थल के लिए निकले तो कुछ ही देर बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। तब उन्होंने पूछा भी था कि उन्होंने किस कानून का उल्लंघन किया है। अभिजीत को शांति भंग करने के फ्रेश केस यानी नए केस BNSS की धारा 126/170 में गिरफ्तार किया गया है। अभिजीत दीपके के अलावा दिल्ली के जनपथ रोड कनॉट प्लेस और मंडी हाउस के आसपास कम से कम 150 लोगों को हिरासत में लिया गया।
कॉकरोच जनता पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने क्या कहा?
रत्ना सिंह ने एक्स पर लिखा है कि अभिजीत दीपके को अरेस्ट कर लिया गया है और उन्हें एसईएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'अभिजीत को कहां रखा गया, इसकी जानकारी उन्हें अब भी नहीं है और वकीलों को भी नहीं मिलने दिया जा रहा है।
इससे पहले रत्ना सिंह ने एक्स पर लिखा था, 'दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया, सभी पर नजर रखी गई। हिरासत में रखा और फिर न्यायिक हिरासत में भिजवा दिया। दिल्ली पुलिस को अभिजीत और नेहा बोरा दोनों की मौजूदा लोकेशन की जानकारी तुरंत सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि किसी को भी घंटों तक हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए, बिना उसके परिवार, वकीलों या संबंधित लोगों को उसकी लोकेशन और कानूनी स्थिति की जानकारी दिए। नेहा और अभिजीत कहां हैं? दिल्ली पुलिस को इसका जवाब देना होगा।
