विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जेफरी एपस्टीन से जुड़े तथाकथित फाइलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करने वाली खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में जारी कुछ ईमेल में पीएम मोदी की 2017 में इजराइल यात्रा का जिक्र है, लेकिन इसके अलावा बाकी सारी बातें बेबुनियाद और निराधार हैं। विदेश सचिव रणधीर जायसवाल ने कांग्रेस और एपस्टीन फाइल्स के दावों को खारिज किया है। 

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने जुलाई 2017 में इजराइल का एक आधिकारिक दौरा किया था, जो सच है, लेकिन ईमेल में उस यात्रा से जुड़ी बाकी अफवाहें हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एक दोषी यौन अपराधी की घटिया और बकवास सोच को आधार बनाकर कांग्रेस भ्रामक सूचना फैला रही है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऐसी बातों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जाना चाहिए और इनका सबसे ज्यादा तिरस्कार किया जाना चाहिए। सरकार ने इन दावों को बेबुनियाद बताते हुए साफ किया कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है और ये सिर्फ अफवाहें फैलाने की कोशिश हैं।

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रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय:-
हमने तथाकथित एपस्टीन फाइलों के एक ईमेल के बारे में रिपोर्ट देखी हैं जिसमें प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा का जिक्र है। जुलाई 2017 में उनकी आधिकारिक यात्रा के अलावा, बाकी दावे एक दोषी अपराधी की बेबुनियाद बातें हैं और उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज किया जाना चाहिए।

विपक्ष और बीजेपी में जुबानी जंग

बीजेपी ने शनिवार को कांग्रेस पर जेफरी एपस्टीन से जुड़ी जांच फाइलों में शामिल एक सामान्य ईमेल के कंटेंट को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। बीजेपी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस गलत सूचना फैला रही है। बीजेपी ने कहा है कि पीएम मोदी और जेफरी एपस्टीन के बीच संवादन का कोई सीधा सबूत नहीं है।

कांग्रेस जेफरी एपस्टीन फाइल को लेकर बीजेपी पर हमला बोल रही थी। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) में प्रकाशित एक ईमेल को कांग्रेस शेयर कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि जेफरी एपस्टीन से प्रधानमंत्री ने बात की थी। कांग्रेस ने इसे लेकर केंद्र का स्पष्टीकरण मांगा था।

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सागरिका घोष, सांसद, राज्यसभा:-
यह चौंकाने वाला और शर्मनाक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम एपस्टीन फाइल्स में क्यों है?  मोदी ने सलाह ली और अमेरिकी राष्ट्रपति के फायदे के लिए इजराइल में नाचने और गाने के कार्यक्रम में शामिल हुए। इसका क्या मतलब है? सरकार को इस पर सफाई देनी चाहिए। क्या गोदी मीडिया हमेशा की तरह चुप रहेगा?

 

 


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बीजेपी ने क्या कहा?

बीजेपी IT सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा, 'कांग्रेस का यह सनसनीखेज दावा कि जेफरी एपस्टीन ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में लिखा था कि उन्होंने एक अमेरिकी राष्ट्रपति के फायदे के लिए इजराइल में नाचने और गाने के लिए उनकी सलाह मानी, यह तथ्यों को पूरी तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश करना है।'

अमित मालवीय, हेड, IT सेल, बीजेपी:-
अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी द्वारा जारी किए गए एपस्टीन के किसी भी दस्तावेज से यह पता नहीं चलता कि पीएम मोदी ने कभी भी एपस्टीन से नाचने और गाने या किसी और चीज पर कोई व्यक्तिगत सलाह मांगी, ली या उस पर अमल किया हो, और न ही उनमें दोनों के बीच किसी संपर्क का कोई जिक्र है।

उन्होंने कहा, 'वेरिफाइड रिकॉर्ड में एपस्टीन की सलाह का कोई जिक्र नहीं है, नाचने या गाने का कोई उल्लेख नहीं है, और न ही ऐसा कोई बयान है जिसमें कहा गया हो कि 'यह काम कर गया', ये सभी बातें पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं और कांग्रेस लोगों में गुस्सा भड़काने के लिए इन्हें फैला रही है।

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क्यों इजरायल गए थे प्रधानमंत्री?

अमित मालवीय ने कहा, 'पीएम मोदी और एपस्टीन के बीच किसी भी सीधे या अप्रत्यक्ष बातचीत या सलाहकार भूमिका का कोई सबूत नहीं है। पीएम मोदी की 2017 की इज़राइल यात्रा रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार पर केंद्रित एक ऐतिहासिक राजनयिक मुलाकात थी, जिसमें राजकीय यात्राओं के दौरान होने वाली सामान्य सांस्कृतिक शिष्टाचार शामिल थे, न कि एपस्टीन से जुड़ी कोई मनगढ़ंत योजना।' 

 

 

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हंगामा क्यों बरपा है?

पवन खेड़ा, प्रवक्ता, कांग्रेस:-
यह राष्ट्रीय शर्म का विषय है कि अमेरिका का दोषी मानव तस्कर, बाल यौन अपराधी और बलात्कारी जेफरी एपस्टीन यह लिखता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उसकी सलाह मानी और अमेरिकी राष्ट्रपति के लाभ के लिए इजराइल में नाच-गाना किया। वे कुछ सप्ताह पहले मिले थे। यह काम कर गया।


अमेरिका के न्याय विभाग ने शुक्रवार को अरबपति वित्त कारोबारी रहे जेफरी एपस्टीन से जुड़े कई और दस्तावेज शुक्रवार को सार्वजनिक किए। बिलगेट्स और डोनाल्ड ट्रंप समेत कई नाम इन फाइलों में दर्ज हैं, उन पर आपत्तिजनक आरोप लगाए गए हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम को लेकर भी सियासत हो रही है।