उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया है और सजा पर लगी रोक हटा दी है। इस केस में हाई कोर्ट के फैसले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने चुनौती दी थी। CBI की इसी याचिका पर पहले तो सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई थी और अब उस फैसले को पलटते हुए उम्रकैद की सजा जारी रखने का आदेश दिया है। रोचक बात है कि कुलदीप सेंगर को रेप पीड़िता के पिता की मौत के मामले में भी दोषी पाया गया था इसलिए उसकी सजा पर रोक लगने के बावजूद वह जेल से बाहर नहीं आ पाया था।

 

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की बेंच ने इस केस पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने अब दिल्ली हाई कोर्ट को आदेश दिया है कि वह दो महीने के अंदर इस मामले पर अपना फैसला ले और इसके लिए वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित न हो। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि वह या तो इस मामले में कुलदीप सेंगर की याचिका पर सुनावई करे या फिर सजा रोकने वाली याचिका पर फिर से आदेश जारी करे।

 

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कुलदीप सेंगर को कैसे मिल गई थी राहत?

दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले साल यानी दिसंबर 2025 में कुलदीप सेंगर को मिली उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट ने माना था कि आईपीसी की धारा 376 (2) और पॉक्सो की धारा 5 (C) इस केस में लागू ही नहीं होती क्योंकि कुलदीप सेंगर को इन प्रावधानों के तहत 'पब्लिक सर्वेंट' नहीं माना जा सकता है। इसी आधार पर कुलदीप सेंगर की सजा पर रोक लगा दी थी।

सीबीआई ने तुरंत इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सीबीआई की दलील थी कि हाई कोर्ट के इस फैसले से पॉक्सो ऐक्ट का असर कम होगा। सीबीआई ने यह भी कहा था कि इतनी छोटी सी तकनीकी व्याख्या के चलते सजा पर रोक लगा देना सही नहीं है। उसने दलील दी थी कि इस केस में पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद हाई कोर्ट ने पॉक्सो ऐक्ट की सही व्याख्या नहीं समझी।

 

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क्या है मामला?

यह मामला एक नाबालिग लड़के के रेप का है। साल 2017 के इस केस में पीड़िता के पिता की मौत पुलिस कस्टडी में हुई थी। कुलदीप सेंगर को पीड़िता के पिता की मौत वाले केस में साल 2020 में 10 साल की सजा सुनाई गई थी। इससे पहले साल 2019 में सीबीआई कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को नाबालिग लड़की के रेप का दोषी पाया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी।