इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा को केंद्र सरकार ने कड़ा नोटिस जारी किया है। सरकार ने इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े वीडियो और अन्य कंटेंट को तुरंत हटाने का आदेश दिया। इसके अलावा बाल यौन शोषण से जुड़े पेड विज्ञापन को भी हटाने का निर्देश दिया। वहीं कंपनी से सात दिनों के भीतर जवाब भी मांगा गया है। केंद्र सरकार ने यह नोटिस शनिवार शाम जारी किया था।

 

बता दें कि व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर पर पहले ही केंद्र मेटा को नोटिस जारी कर चुका है। अब इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट के पेड विज्ञापन ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा, 'इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों का इस्तेमाल कथित तौर पर यूजर्स को गैरकानूनी बाल यौन शोषण सामग्री के लिए दूसरे प्लेटफार्मों पर निर्देशित करने में किया जाता था। सरकार यौन शोषणकारी सामग्री के 'एल्गोरिदम से प्रसार' को बेहद गंभीरता से देखती है और तत्काल सुधारात्मक उपायों की मांग करती है।'

 

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अब तक क्या एक्शन लिया? सरकार ने मेटा से पूछा

समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सभी सामग्री को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। बता दें कि एक दिन पहले ही सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को तुरंत मेटा को तलब करने का निर्देश दिया था। नोटिस में मेटा से यौन शोषण से जुड़ी सामग्री पर स्पष्टीकरण और की गई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा गया है।

पेड विज्ञापन से बेची जा रही अश्लील सामग्री

हाल ही बीबीसी ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि मेटा का 'रिकमेंडेशन एल्गोरिदम' बाल यौन शोषण से जुड़े वीडियो को बढ़ावा दे रहा है। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि मेटा की स्पष्ट विज्ञापन नीति अश्लील सामग्री पर रोक लगाती है। बावजूद इसके इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अश्लील विज्ञापन देखे गए हैं। इंस्टाग्राम पर 'रेप वीडियो' और 'चाइल्ड वीडियो' जैसे शब्दों के साथ पेड विज्ञापन दिखाने का आरोप है।

 

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विज्ञापनों के साथ टेलीग्राम चैनलों का लिंक था। क्लिक करने पर यूजर्स इंस्टाग्राम से सीधे टेलीग्राम पर रिडायरेक्ट होते थे। वहां कथित तौर पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री बेची जाती थी। बीबीसी ने अपनी जांच में 30 विज्ञापनों का खुलासा किया।