जापान के आइची-नागोया में पांचवें एशियाई पैरा गेम्स 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए रवाना हो रहे भारतीय दल के विदाई समारोह के बाहर कई पैरा निशानेबाजों ने जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। कई पैरा निशानेबाजों ने आयोजन स्थल के बाहर प्रदर्शन किया, उनका आरोप है कि टीम के चयन में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी हुई है। भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि टीम का चयन पूरी तरह योग्यता के आधार पर किया गया.
प्रदर्शनकारियों ने भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झझाडिया समेत वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें प्रदर्शन बंद करने के लिए मनाने की काफी कोशिश की। हालांकि, निशानेबाजों ने प्रदर्शन जारी रखा और जमकर नारे लगाए।
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रैंकिंग के बावजूद सिलेक्शन न होने पर सवाल उठाए
पैरा निशानेबाज संदीप कुमार और आकाश प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे। उन्होंने अपनी रैंकिंग और अच्छे प्रदर्शन के बावजूद सिलेक्शन नहीं होने पर सवाल उठाए। संदीप एशिया में तीसरी रैंकिंग पर है जबकि आकाश शीर्ष रैंकिंग वाले निशानेबाज हैं । दोनों ने रुद्रांक्ष खंडेलवाल के चयन पर भी सवाल उठाया, जिनकी एशियाई रैंकिंग 14वीं है।
भारत के मुख्य कोच सत्यनारायण और झझाडिया ने खिलाड़ियों से बात की और प्रदर्शन बंद करने को कहा लेकिन वे नहीं माने। खेलमंत्री मनसुख मांडविया विदाई समारोह में मौजूद थे, जबकि प्रदर्शन जारी था ।
क्या बोले खिलाड़ी?
आकाश ने कहा कि उनका चयन इसलिए नहीं किया गया, क्योंकि उन्होंने निशानेबाजी कोच जय प्रकाश नौटियाल को अपना कोच नहीं बताया। उन्होंने कहा, 'मेरा नाम इसी वजह से काटा गया। मैं दो महीने से यहां हूं। वह कहते रहे कि तुम्हारा काम हो रहा है। हर दिन यही जवाब मिलता था, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।'
पी4 50 मीटर फ्री पिस्टल एसएच1 के निशानेबाज संदीप ने कहा कि अपने प्रमाण पत्र दिखाने के बावजूद उन्हें झझाडिया से कोई आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'हमने झझाडिया जी और पीसीआई के दूसरे अधिकारियों को दस्तावेज दिखाए। राहुल स्वामी को और विवेक सैनी को, जिन्होंने एक भी निशानेबाजी मैच नहीं खेला, एक्सपर्ट बना दिया गया है। वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं।'
संदीप ने नौटियाल पर आरोप लगाया कि वे खिलाड़ियों का चयन पक्का कराने के बदले सरकार से मिलने वाले नकद पुरस्कारों में 50 प्रतिशत कमीशन मांगते हैं। आकाश ने कहा कि खेल मंत्रालय के दिशा-निर्देश के अनुसार शीर्ष छह खिलाड़ियों का चयन होना चाहिए था, लेकिन इन मानदंडों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा, 'हम आपको दस्तावेज दिखा सकते हैं। जिन्हें चुना गया है, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं खेला है। राष्ट्रीय स्तर पर हुए ट्रायल के स्कोर बदल दिए गए।'
निशानेबाजों ने बुधवार को भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक को भी ज्ञापन देकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने पीसीआई अधिकारियों और उसकी निशानेबाजी तकनीकी समिति पर गैर-कानूनी तरीके से पैसे ऐंठने, खुलेआम भ्रष्टाचार और मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप लगाए।
