भारत के 9 पहलवानों को अमेरिका का वीजा नहीं मिलने पर विवाद खड़ा हो गया है। ये पहलवान लास वेगास में चल रही अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में उतरने वाले थे लेकिन अमेरिका ने इन्हें बेरोजगार कहकर वीजा ही नहीं दिया। अमेरिका दूतावास ने वीजा खारिज करने का कारण पहलवानों का 20 साल से कम उम्र का होना भी बताया। इन पहलवानों को वीजा नहीं मिलने से भारत के मेडल की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है।
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि इनमें से कम 2 पहलवान गोल्ड मेडल के प्रबल दावेदार थे। उन्होंने न्यूज एजेंसी IANS से बताया कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के अध्यक्ष ने भी इस मामले में लेटर लिखा था लेकिन अमेरिकी दूतावास ने कुछ नहीं सुना। बेरोजगारी और कम उम्र के कारण वीजा नहीं मिलने की घटना इतिहास में पहली बार हुई है।
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संजय सिंह ने अमेरिकी दूतावास को मन भर सुनाया
WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने अमेरिकी दूतावास पर निशाना साधते हुए कहा, 'अमेरिकी दूतावास ने 9 भारतीय पहलवानों के वीजा इस आधार पर खारिज कर दिए कि वे बेरोजगार हैं। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। यहां तक कि UWW के अध्यक्ष ने भी इस मामले को लेकर उन्हें लेटर लिखा था। वीजा खारिज होने के लिए पूरी तरह से अमेरिकी दूतावास जिम्मेदार है और इसके चलते भारत को गोल्ड मेडल गंवाने पड़े। जिन 9 पहलवानों को वीजा नहीं मिला, उनमें से कम से कम 2 गोल्ड मेडल के प्रबल दावेदार थे। अमेरिकी दूतावास की गलती के कारण भारत को मेडल का भारी नुकसान उठाना पड़ा।'
ग्रोको-रोमन और महिला पहलवानों का वीजा खारिज
भारत के पुरुष फ्रीस्टाइल टीम के सभी 10 पहलवानों को अमेरिका का वीजा मिल गया। वहीं ग्रीको-रोमन और महिला कुश्ती वर्ग में 9 पहलवानों को वीजा मंजूरी नहीं मिली। बता दें कि अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप की शुरुआत 12 से ग्रीको-रोमन मुकाबलों के साथ हुई। ग्रीको-रोमन के मुकाबले 14 अक्टूबर तक होंगे। महिला वर्ग के मुकाबले 14 से 16 अक्टूबर तक होंगे, जबकि पुरुष फ्रीस्टाइल के मुकाबले 16 से 18 अक्टूबर तक होने हैं।
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विश्वजीत मोरे फाइनल में पहुंचे
वीजा विवाद के बीच भारतीय पहलवान विश्वजीत मोरे ने ग्रीको-रोमन वर्ग में फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। वह अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले भारत के पहले ग्रीको-रोमन पहलवान बन गए हैं। विश्वजीत इससे पहले इस लेवल पर 2 ब्रॉन्ज जीत चुके हैं लेकिन अब उनके पास गोल्ड जीतने का मौका है।
