महाराष्ट्र के ठाणे में रहने वाले एक युवक ने आत्महत्या कर ली है। युवक ने रेबीज से संक्रमित होने के डर से जान दे दी। कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने उन्हें काट लिया था। इसके बाद उन्होंने रेबीज का इंजेक्शन भी लगवाया था। वैक्सीनेशन के बावजूद उन्हें अपने शरीर में कुछ अजीब से लक्षण महसूस हो रहे थे। इसी डर से युवक मानसिक तनाव में था और बाद में उसने अपने ही घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस युवक का नाम आयास विश्वनाथ अमीन है, जिसकी उम्र 30 साल थी। आयास का शव रविवार को उनके घर से बरामद हुआ है। शव के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट से साफ नजर आता है कि वह गहरे मानसिक तनाव में थे और रेबीज होने के डर से परेशान थे।
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रेबीज का डर
परिवार वालों के मुताबिक, कुत्ते के काटने के तुरंत बाद आयास ने जरूरी मेडिकल प्रक्रिया पूरी करवाई थी। इसके बावजूद वह लगातार चिंता और एंग्जायटी में जी रहे थे। उन्हें लग रहा था कि उनके शरीर में जो बदलाव हो रहे हैं, वे रेबीज वायरल संक्रमण की वजह से हो रहे हैं। इसी डर ने उनकी मानसिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित कर दिया।
सुसाइड नोट में क्या लिखा?
पुलिस के अनुसार, आयास ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था, जो उनके शव के पास मिला है। उसमें उन्होंने साफ तौर पर लिखा कि वह रेबीज के डर की वजह से यह कदम उठा रहे हैं। नोट से यह भी संकेत मिलता है कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे।
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रेबीज क्या होता है?
रेबीज एक वायरल संक्रमण है, जो आमतौर पर संक्रमित जानवर, खासकर कुत्ते के काटने से फैलता है। यह वायरस दिमाग और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। समय पर इलाज और वैक्सीनेशन कराने से रेबीज को रोका जा सकता है। वैक्सीनेशन लेने के बाद आमतौर पर संक्रमण का खतरा नहीं रहता। अगर किसी को कुत्ता काट ले, तो तुरंत घाव को साबुन और पानी से धोना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क कर जरूरी वैक्सीनेशन करवाना चाहिए। मानसिक तनाव की हालत में भी विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है।
