उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में नागालैंड की रहने वाली एक महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। महिला डॉक्टर, गोरखपुर एम्स में तैनात है। महिला डॉक्टर का आरोप है कि देर रात बीच सड़क पर तीन लड़कों ने उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की, उन पर अभद्र टिप्पणी की और करीब 1.5 किलोमीटर तक उनका पीछा किया है।
बताया जा रहा है कि यह घटना रविवार रात की है। जब महिला डॉक्टर देर रात ओरियन मॉल से लौट रही थीं, तभी तीन लड़के उनका पीछा करने लगे। पीड़ित महिला को डराने के लिए बदमाशों ने अपनी शर्ट उतारी और उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की। पीड़ित महिला नागालैंड की हैं, जिस वजह से आरोपियों ने उन पर नस्लीय टिप्पणी भी की है।
यह डॉक्टर पिछले कई दिनों से अपने राज्य से दूर गोरखपुर में रहकर मरीजों का इलाज कर रही हैं। इस भयावह घटना के बाद पीड़ित महिला डॉक्टर ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस मामले पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड कोंगकल संगमा ने अहम टिप्पणी की है। उन्होंने नस्लीय भेदभाव को लेकर आपत्ति जताई है।
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एक्स पर शेयर की घटना
इस घटना के बाद पीड़ित महिला डॉक्टर एम्स कैंपस पहुंचीं। वह कैंपस के हॉस्टल में रहती हैं। कैंपस पहुंचने के बाद पीड़ित डॉक्टर ने नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (नाफोर्ड) में इस मामले की शिकायत की। नाफोर्ड एम्स ने अपने एक्स हैंडल के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए इस घटना की शिकायत की, ताकि मामले की जांच जल्द से जल्द हो सके।
नाफोर्ड एम्स ने एक्स पोस्ट पर कहा, 'एम्स गोरखपुर की प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉक्टर के साथ गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न हुआ है। 22 फरवरी की रात करीब 8 बजे गोरखपुर में ओरियन मॉल से बाहर निकलते समय तीन पुरुष उन्हें घूरते रहे और अभद्र टिप्पणियां कीं।'
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इस पोस्ट के जरिए नाफोर्ड ने योगी सरकार से मांग की है कि मामले में तत्परता के साथ जांच की जाए। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही इस घटना ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मेघालय के सीएम ने क्या कहा?
इस मामले को शर्मनाक बताते हुए मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड कोंगकल संगमा ने कहा कि पूर्वोत्तर की महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव और यौन उत्पीड़न की घटनाएं केवल सुर्खियां बनकर न रह जाएं। ऐसी घटनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़ित डॉक्टर के एफआईआर दर्ज कराने के बाद पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए चार टीमें बनाई हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।