आम आदमी पार्टी, पंजाब के विधायक और मंत्री इन दिनों चर्चा में चल रहे हैं। पंजाब सरकार में मंत्री रहे लालजीत सिंह भुल्लर अपने पद से इस्तीफा देने के बाद गिरफ्तार हो चुके हैं। अब एक और विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार करके पंजाब के पटियाला लाया गया है। रेप और धोखाधड़ी के आरोपी हरमीत को गिरफ्तार करने सितंबर महीने में पुलिस गई थी लेकिन वह गोली चलाकर फरार हो गए थे। उन्हें अब लगभग 6 महीने के बाद गिरफ्तार किया गया है। रोचक बात है कि फरार होने के बाद हरमीत सिंह पठानमाजरा ने वीडियो जारी करके कहा था कि यह उनके खिलाफ साजिश है। 

 

पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि हरमीत सिंह पठानमाजरा को मंगलवार रात ग्वालियर में गिरफ्तार किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पटियाला) वरुण शर्मा ने बताया कि सनौर से विधायक पठानमाजरा को पटियाला वापस लाया गया है और उन्हें यहां की अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने के आरोप में हरमीत पठानमाजरा के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में 1 सितंबर 2025 को मामला दर्ज किया था।

 

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क्या है मामला?

 

यह मामला जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था जिसने आरोप लगाया था कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताकर उसके साथ संबंध बनाए और पहले से विवाहित होने के बावजूद 2021 में उससे शादी की। महिला ने विधायक पर उसका लगातार यौन शोषण करने, उसे धमकाने और अश्लील कॉन्टेंट भेजने का आरोप लगाया है। इस मामले में पेश नहीं होने पर हरमीत पठानमाजरा को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। पटियाला पुलिस ने पठानमाजरा के खिलाफ ‘लुक-आउट नोटिस’ भी जारी किया था। इसी मामले में वह पिछले साल 2 सितंबर से फरार थे। 

 

गौरतलब है कि पंजाब पुलिस जब उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जब हरियाणा के करनाल गई थी, तब वह भाग निकले थे। पुलिस ने तब दावा किया था कि वह करनाल जिले के डाबरी गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर पर थे और जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची तो उनके समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की थी और पथराव किया था। हालांकि, पठानमाजरा ने पुलिस पर गोलीबारी में शामिल होने के दावों का खंडन करते हुए कहा था कि वह यह पता लगने के बाद भाग गए थे कि उन्हें फर्जी एनकाउंटर में मार दिया जाएगा।

 

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फरार होने के बाद हरमीत सिंह पठानमाजरा पिछले साल नवंबर में ऑस्ट्रेलिया स्थित एक पंजाबी वेब चैनल को दिए गए वीडियो इंटरव्यू में देखे गए थे। इस वीडियों में उन्होंने दावा किया था कि वह जमानत मिलने के बाद ही घर लौटेंगे। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते हुए इस मामले को ऐसी राजनीतिक साजिश करार दिया था। उनका कहना था कि इस केस के जरिए पंजाब के लोगों की आवाज उठाने वालों को चुप कराने की कोशिश हो रही है। उन्होंने AAP के दिल्ली नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि महत्वपूर्ण मामलों पर मंत्रियों और विधायकों से सलाह तक नहीं ली जाती है।