असम की 126 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आ रहीं हैं, पार्टियों में दल-बदल का खेल शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी से एक के बाद एक, कई दिग्गज इस्तीफा दे रहे हैं। अब असम कांग्रेस के बड़े चेहरों में से एक नवज्योति तालुकदार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह राज्य कांग्रेस के उपाध्यक्ष थे। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से ही इस्तीफा दे दिया है।

नवज्योति तालुकदार भी भारतीय जनता पार्टी (BPP) में शामिल हुए थे। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी में हिंदू नेताओं का अपमान हो रहा है, उनकी बातें नहीं सुनी जा रहीं हैं, इस वजह से लोग कांग्रेस के किनारा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के सारे हिंदू बीजेपी में शामिल हो जाएंगे। 

यह भी पढ़ें: असम की 'बराक घाटी' पर BJP की नजर क्यों? CM भी जोर दे रहे! कारण क्या है

असम कांग्रेस में शुरू इस्तीफों का दौर

असम में विधानसभा चुनाव के 20 से भी कम दिन बचे हैं। पार्टी को लगातार झटके लग रहे हैं। कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा भेजा है। वह नगांव लोकसभा क्षेत्र से 2 बार के सांसद रहे है।  

प्रद्युत बोरदोलोई, सांसद:-
भरे मन से, मैं कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं।

कांग्रेस में इस्तीफों का दौर, क्या कर रही पार्टी?

असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और असम के प्रभारी कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह ने प्रद्युत बोरदोलोई से मुलाकात की कोशिश की है। अभी तक सकारात्मक जवाब नहीं आया है। असम में कांग्रेस के सिर्फ 3 सासंद हैं। जोरहाज से गौरव गोगोई, नगांव से प्रद्युत बोरदोलोई और धुबड़ी से रकीबुल हुसैन। अब प्रद्युत ने कांग्रेस से किनारा कर लिया है। प्रद्युत बोरदोलोई से पहले असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा  ने भी इस्तीफा दिया था। भूपेन कुमार बोरा, अब भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं। 

यह भी पढ़ें: हिमंता से भूपेन बोरा तक, असम BJP में कौन-कौन कांग्रेस से आया?

 

नवज्योति तालुकदार ने कांग्रेस से इस्तीफा क्यों दिया?

ज्यादातर नेताओं ने सार्वजनिक हितों की उपेक्षा और पार्टी में अपमान के आरोप लगाकर पार्टी से किनारा किया है। प्रद्युत बोरदोलोई के करोबी नवज्योति तालुकदार ने भी मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वह गुवाहाटी सेंट्रल से टिकट मांग रहे थे, कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया तो अपनी राहें अलग कर लीं। 

प्रद्युत बोरदोलोई ने क्यों इस्तीफा दिया?

प्रद्युत बोरदोलोई ने हाल में असम के प्रभारी कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि अगर लाहौरीघाट के मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को विधानसभा चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार बनाया गया तो वह पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं।

सांसद ने पत्र में आरोप लगाया था कि नजर के करीबी सहयोगी इमदादुल इस्लाम अप्रैल 2025 में बोरदोलोई और अन्य पार्टी नेताओं पर हुए हमले में शामिल थे। इस मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया है। 

यह भी पढ़ें: पोस्टर पर गोली मारते दिखे असम के CM हिमंता, असम BJP के पोस्ट पर बवाल

सच हो रही है हिमंत बिस्व सरमा की भविष्यवाणी?

एक जमाने में असम में कांग्रेस के सबसे मजबूत नेता रहे हिमंत बिस्व सरमा, कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। उन्होंने अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनावों के दौरान ही कहा था कि असम में कांग्रेस का अस्तित्व खत्म हो रहा है। सभी कार्यकर्ता और नेता बीजेपी में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने तब दावा किया था कि प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष भूपेंद्र बोरा भी बीजेपी में शामिल होंगे। मार्च 2026 आते-आते उनकी यह भविष्यवाणी सच हो रही है। 

फरवरी 2026 में जब असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे की खबरें आईं थी, तभी हिमंत बिस्व सरमा ने कहा था, 'भूपेन बोरा असम कांग्रेस में आखिरी बड़े हिंदू नेता थे जो एक सामान्य परिवार से आते थे। उनका जाना यह दिखाता है कि कांग्रेस में आम आदमी के लिए कोई जगह नहीं है। अब कांग्रेस पूरी तरह तुष्टिकरण की राजनीति में डूब गई है।' चुनाव के 20 दिन पहले, हिमंत बिस्व सरमा की यह भविष्यवाणी सच होती नजर आ रही है।