छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के लिए नए साल में एक अच्छी खबर आई है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने उनके बेटे चैतन्य बघेल को जमानत दे दी है। इस खबर के बाद भूपेश बघेल के समर्थकों ने रायपुर में जश्न मनाना शुरू कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने चैतन्य बघेल को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था। वह जेल में ही थे कि सितंबर महीने में इकनॉमिक ऑफेन्स विंग/एंटी करप्शन ब्यूरो ने भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

 

चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) वाले केस में राहत मिल गई है। उन पर आरोप है कि छत्तीसगढ़ में हुए करोड़ों के शराब घोटाले में उन्होंने बड़ी गड़बड़ी की और गलत तरीके से पैसे कमाएं। चैतन्य बघेल की ओर से हाई कोर्ट में वरिष्ठ वकील एन हरिहरन पेश हुए। इस मामले में हाई कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा ने फैसला सुनाया और दोनों मामलों में चैतन्य को जमानत दे दी।

 

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क्या है मामला?

 

आरोप है कि साल 2019 से 2023 के बीच जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार थी तब आबकारी विभाग में बड़े स्तर की गड़बड़ी की गई। इस मामले की जांच करने वाले अधिकारियों के मुताबिक, इसके चलते राज्य को ढाई से तीन हजार करोड़ का नुकसान हुआ। दिसंबर 2025 में दाखिल चार्जशीट में छत्तीसगढ़ की ACB-EOW ने दावा किया है कि चैतन्य बघेल को 200 से 250 करोड़ रुपये मिले।

 

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ED ने आरोप लगाए हैं कि चैतन्य बघेल को इस मामले में बड़े स्तर पर पैसे मिले। ED के मुताबिक, बघेल डेवलपर्स के जरिए आबकारी घोटाले के पैसे घुमाए गए और उन पैसों को चैतन्य बघेल के 'विट्ठल ग्रीन' प्रोजेक्ट में लगा दिया गया। ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये मिले और उन्होंने 1000 करोड़ रुपये घुमाने में अहम भूमिका निभाई।

 

अब तक क्या-क्या हुआ?

 

इस केस में दिसंबर महीने में दाखिल की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में 59 नए आरोपियों को शामिल किया था और कुल आरोपियों की संख्या 81 तक पहुंच गई थी। चैतन्य बघेल के अलावा पूर्व मंत्री कवासी लखमा, सौम्या चौरसिया, अनिल टुटेज, अनवर ढेबर आदि के नाम प्रमुख हैं। चैतन्य बघेल के अलावा, कवासी लखमा, सौम्या चौरसिसा, निरंजन दास समेत 9 प्रमुख आरोपियों को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपो में गिरफ्तार किया गया था।\

 

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ED ने अभी तक इसी केस के सिलसिले में 382.32 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें बघेल परिवार से जुड़ी कई संपत्तियां भी हैं।