संजय सिंह, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक दिवसीय मुंगेर दौरा मंगलवार को राजनीतिक, धार्मिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बन गया। जैसे ही मुख्यमंत्री का विमान मुंगेर हवाई अड्डे पर उतरा, वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुए इस स्वागत ने दौरे की अहमियत को और बढ़ा दिया।
हवाई अड्डे पर आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी राकेश कुमार और जिला पदाधिकारी निखिल धनराज ने मुख्यमंत्री का बुके देकर स्वागत किया। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ मौजूद रही, जो 'सम्राट चौधरी जिंदाबाद' के नारों से माहौल को राजनीतिक रंग दे रही थी।
धार्मिक आस्था और राजनीति का संगम
मुख्यमंत्री का यह दौरा सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी खास रहा। उन्होंने मुंगेर में स्थित ज्योति मंदिर में तिरुपति बालाजी के दर्शन किए। यहां स्थापित बालाजी की प्रतिमा विशेष रूप से आंध्र प्रदेश से लाई गई है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इसके बाद मुख्यमंत्री बिहार योग विद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने स्वामी सत्यानंद सरस्वती के पदार्पण दिवस समारोह में भाग लिया। यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और परंपरा का प्रतीक रहा, जिसमें बड़ी संख्या में साधक और अनुयायी शामिल हुए।
यह भी पढ़ें: चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान में लगी आग, यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
बीजेपी प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन
राजनीतिक गतिविधियों के तहत मुख्यमंत्री ने विद्या मंदिर परिसर में आयोजित बीजेपी के प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक मजबूती और आगामी रणनीतियों पर जोर देने का संदेश दिया। उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी भी मौजूद रहे।
विक्रमशिला पुल पर प्रशासनिक सख्ती
दौरे का सबसे अहम हिस्सा रहा विक्रमशिला पुल का हवाई सर्वेक्षण। हाल ही में पुल का एक हिस्सा गंगा नदी में समा जाने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री ने स्थिति का जायजा लेने के लिए हवाई निरीक्षण करने का निर्णय लिया, जिससे सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता का संदेश गया।
सांस्कृतिक आयोजन और जनसंपर्क
मुंगेर के पोलो मैदान में बालाजी प्रतिमा को आम जनता के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके साथ ही भव्य लेजर लाइट और ड्रोन शो का आयोजन भी प्रस्तावित है, जो इस धार्मिक आयोजन को आधुनिक तकनीक से जोड़ता है।
यह भी पढ़ें: पंजाब के लिए BJP तैयार कर रही प्लान, किन मुद्दों पर घिरेगी AAP सरकार?
खगड़िया का दौरा
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम यहीं खत्म नहीं हुआ। वे मुंगेर के बाद खगड़िया जिले के लिए निकले, जहां विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा और जनसंपर्क कार्यक्रमों में भाग लेने निकले।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भी सक्रिय
इससे पहले मुख्यमंत्री गया पहुंचे थे, जहां उन्होंने टो लाम का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल सैयद अत हसनैन भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति टो लाम बोधगया के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का सम्मान मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का मुंगेर से लेकर विक्रमशिला पुल और खगड़िया तक, उनका यह कार्यक्रम सरकार की जमीनी पकड़ और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
