बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी ने फिलहाल के लिए मंत्रालयों का बंटवारा कर लिया है। अभी उनकी कैबिनेट में उनके अलावा सिर्फ दो डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव ही हैं तो मंत्रालयों का बंटवारा इन्हीं तीनों के बीच किया गया है। सीएम सम्राट चौधरी ने अपने पास कुल 29 मंत्रालय रखे हैं। डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को 10 और बिजेंद्र प्रसाद यादव को 8 विभाग दिए गए हैं। मंत्रिमंडल का विस्तार होने के बाद इन मंत्रालयों को बाकी मंत्रियों को सौंपा जाएगा। अभी के लिए यही तीनों नेता कामकाज देखते रहेंगे।

 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जब डिप्टी सीएम थे तब भी उनके पास सबसे अहम गृह मंत्रालय था। वह उन्होंने अपने बरकरार रखा है। इसके अलावा, आमतौ पर मुख्यमंत्री के पास रहने वाले सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी और निर्वाचन विभाग भी रखे हैं। इसके अलावा, काफी अहम माने जाने वाले राजस्व एवं भूमि सुधार, कानून मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, पथ निर्माण, पर्यटन, खेल मंत्रालय, आपदा प्रबंधन और पंचायती राज जैसे विभाग भी फिलहाल सीएम सम्राट चौधरी के पास ही हैं।

 

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उपमुख्यमंत्रियों को क्या मिला?

 

इस बार वित्त विभाग बिजेंद्र प्रसाद चौधरी को दिया गया है। इसके अलावा उनके पास योजना एवं विकास, ऊर्जा, वाणिज्य कर, समाज कल्याण, ग्रामीण कार्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण और मद्य निषेध, उत्पाद और प्रबंधन विभाग समेत कुल 8 मंत्रालय हैं।

 

विजय कुमार चौधरी को उच्च शिक्षा, ट्रांसपोर्ट, शिक्षा, भवन निर्माण, सूचना और जन संपर्क, संसदीय कार्य, जल संसाधन, अल्पसंख्यक कल्याण, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा और ग्रामीण विकास समेत कुल 10 मंत्रालय हैं।

 

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बता दें कि बिहार में मंत्रियों की संख्या अधिकतम 36 हो सकती है। नवंबर 2025 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनी थी तब कुल 26 लोगों को मंत्री बनाया गया था। इसमें बीजेपी के कुल 14 और जेडीयू के 8 मंत्री शामित थे। इनके अलावा चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के 2, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के एक-एक नेता को मंत्री बनाया गया था। उम्मीद है कि एलजेपी (R), HAM और RLM का कोटा बरकरार रहेगा और बीजेपी-जेडीयू के मंत्रियों की संख्या में थोड़ा-बहुत बदलाव हो सकता है।