मध्य प्रदेश के सबसे साफ शहर इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में भी गंदा पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। बीते कुछ दिनों में यहां टाइफाइड के 100 से अधिक मामले सामने आए हैं। सभी मरीजों को गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।

 

अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में इस समय करीब 104 मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की, हालात का जायजा लिया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

 

यह भी पढ़ें- पार्टी में चल रहा था डिनर, बदमाशों ने सबके सामने AAP नेता के सिर में मार दी गोली

 

हर्ष सांघवी ने क्या बताया?

डिप्टी सीएम ने बताया कि मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में 22 डॉक्टरों की एक विशेष टीम बनाई गई है। साथ ही डिप्टी कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। हर्ष सांघवी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि गांधीनगर में टाइफाइड के मामलों को देखते हुए मेयर, कलेक्टर, कमिश्नर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ समीक्षा बैठक की गई है।

 

इसके बाद उन्होंने सिविल अस्पताल में भर्ती टाइफाइड मरीजों और उनके परिवारों से मिलकर इलाज, उपलब्ध सुविधाओं और मौजूदा हालात की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। राज्य सरकार के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रहा है।

ज्यादातर बच्चों के मामले

अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान पॉजिटिव मामलों में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इनमें से अधिकतर मरीजों को पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती किया गया है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित इलाकों में घर-घर जांच शुरू कर दी है, ताकि संक्रमण के स्रोत का पता लगाया जा सके। साथ ही लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है और पानी की टंकियों की सफाई के लिए क्लोरीन की गोलियां भी बांटी जा रही हैं।

 

यह भी पढ़ें- अंकिता भंडारी केस: कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर क्यों उतर आई BJP?

इंदौर का मामला

नए साल से ठीक पहले इंदौर शहर से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां नगर निगम की ओर से सप्लाई किए जाने वाले पानी को पीकर लगभग आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और ज्यादातर लोग दूषित पानी पीने के चलते डायरिया के शिकार हो गए हैं। इसके बाद भी कई लोगों के भर्ती होने की खबर लगातार आ रही है।