मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में गंदा पानी पीने से करीब आधा दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अब तक लगभग 2800 लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमला बोल रही है। इसी को लेकर रविवार (4 जनवरी) को कांग्रेस नेताओं ने देवास विधायक गायत्री राजे पवार और हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी समेत कई नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन की अनुमति देने वाले देवास के SDM आनंद मालवीय को 24 घंटे के भीतर निलंबित कर दिया गया। कहा जा रहा है कि जारी आदेश में कांग्रेस के ज्ञापन के शब्दों का हूबहू इस्तेमाल किया गया था।

 

निलंबन आदेश में कहा गया है कि अधिकारी के खिलाफ गंभीर कदाचार और अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही उनके कार्यालय में तैनात सहायक ग्रेड-3 क्लर्क को भी निलंबित कर दिया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की लापरवाही के कारण इतने लोग प्रभावित हुए हैं और सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है।

 

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आदेश में कांग्रेस के ज्ञापन की हुबहू कॉपी

दरअसल 3 जनवरी को देवास SDM ने कांग्रेस के प्रदर्शन की अनुमति को लेकर आदेश जारी किया था। इस आदेश में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजवर्गीय के बयान को अमानवीय और निर्लज्जता की निशानी कहा गया था। इसमें कांग्रेस के ज्ञापन की भाषा को हूबहू लिखा गया था जिसके बाद यह बहुत वायरल भी हुआ था।

 

यह वायरल आदेश केवल एक इंटर ऑफिस मेमो था जो कि पब्लिक के लिए नहीं था लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमे लिखा गया,  'प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री जीतू पटवारी जी के निर्देशनूसार निर्णय लिया गया है की इस अमानवीय व्यवहार के विरोध में भाजपा के सांसद एवं विधायकों के निवास के सामने घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।'

 

 

आगे लिखा गया, 'अतः उक्त अवसर पर कानून एवं व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए कानून एवं व्यवस्था को बनाये रखने के लिए निम्नानुसार तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी, राजस्व निरीक्षक / पटवारियों की ड्यूटी दिनांक 04.01. 2026 समय दोपहर 12.00 बजे से कार्य समाप्ति तक के लिए लगाई जाती है।'

 

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सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय

इस आदेश की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस संबंध में कई लोगों के रिएक्शन आए हैं। एक यूजर ने लिखा, 'घंटा शब्द ने SDM को कराया सस्पेंड', जबकि एक ने लिखा, 'मध्यप्रदेश में अब घंटा शब्द बैन है।' अन्य ने लिखा, 'SDM ने मंत्री जी के 'घंटा' को ऑर्डर में घंटा बजा दिया।'

 

एक ने लिखा, 'मंत्री विजयवर्गीय ने खुद 'घंटा' शब्द बोला लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि अधिकारी ने केवल लिखा तो सजा मिल गई।' कुल मिलाकर प्रतिक्रियाएं ज्यादातक मजाकियां और तंज से भरी रही।