पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने छापेमारी की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर अपने राजनीतिक मकसद पूरे करने के लिए ईडी और CBI जैसी एजेंसियों को हथियार की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां बीजेपी के पास मौजूद वह चार-पांच हथियार हैं, जिनका राजनीतिकरण कर दिया गया है।'
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भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब:-
वे लंबे समय से ED और CBI का अपनी राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। चाहे महाराष्ट्र हो या ओडिशा, बिहार हो, कर्नाटक या पश्चिम बंगाल। अब पंजाब उनके निशाने पर है।
ED ने छापेमारी क्यों की है?
ED के अधिकारियों ने कहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े, जांच के तहत पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़े कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर शनिवार को फिर से छापे मारे। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई 5 परिसरों में की गई, जिनमें आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा का चंडीगढ़ स्थित आधिकारिक आवास भी शामिल है। छापेमारी दिल्ली और हरियाणा के गुरुग्राम स्थित परिसरों में भी की गई। इनमें हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड नाम की एक कंपनी का कैंपस भी शामिल है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज नए केस के सिलसिले में यह छापेमारी की है।
अप्रैल में भी पड़ी थी ईडी की रेड
ईडी ने अप्रैल में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के प्रावधानों के तहत संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़े कैंपस में छापे मारे थे। संजीव अरोड़ा लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक हैं।
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भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब:
छापे मारने के पीछे उनका मकसद कोई काला धन या कोई अवैध दस्तावेज ढूंढना नहीं है। उनका मकसद होता है कि जिस व्यक्ति के परिसर पर छापा मारा गया है, उस तक यह संदेश पहुंच जाए कि बीजेपी में शामिल हो जाओ और सब माफ कर दिया जाएगा। कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के परिसरों पर दो दिन तक छापे मारे गए, लेकिन AAP के 6 अन्य राज्यसभा सदस्यों के साथ उनके BJP में शामिल होने के बाद छापेमारी समाप्त हो गई और कुछ दिन बाद मित्तल को सम्मानित किया गया तथा उन्हें Y श्रेणी की सुरक्षा दे दी गई। फिर ईडी के मामले का क्या हुआ? इसका मतलब है कि ईडी का राजनीतिकरण हो रहा है।
'न कुछ मिला है, न मिलेगा,' भगवंत नाम ने सरकार को घेरा
भगवंत मान ने कहा, टएक महीने में यह दूसरी बार और एक साल में तीसरी बार है जब वे आए हैं, लेकिन पहले भी उन्हें कुछ नहीं मिला और अब भी कुछ नहीं मिलेगा। वे केवल यह संदेश देने आए हैं कि भाजपा में शामिल हो जाओ, वरना उनके कारोबार बंद कर दिए जाएंगे।'
