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पैसे घुमाने का आरोप, संजीव अरोड़ा के पार्टनर हेमंत सूद और चंद्रशेखर क्यों फंसे?

AAP नेता संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापे मार रही ईडी ने उनके दो बिजनेस पार्टनर चंद्रशेखर अग्रवाल और हेमंत सूद के ठिकानों पर भी छापा मारा है।

hemanth sood chandrashekhar arora and chandra shekhar agarwal

हेमंत सूद, संजीव अरोड़ा और चंद्रशेखर अग्रवाल, Photo Credit: Khabargaon

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पंजाब सरकार के मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। ईडी के अधिकारियों ने बताया है कि यह छापेमारी अवैध सट्टेबाजी, इनसाइडर ट्रेडिंग, फर्जी निवेश और पैसों की राउंड ट्रिपिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी हुई है। संजीव अरोड़ा के अलावा उनके बेटे काव्य अरोड़ा और संजीव के दो बिजनेस पार्टनर हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है। इस मामले पर आम आदमी पार्टी (AAP) का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इसी तरह से किसी राज्य में चुनाव की तैयारी करती है। संजीव अरोड़ा का कहना है कि वह पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं।   

 

ED के अधिकारियों के मुताबिक, यह  छापेमारी लुधियाना, जालंधर, चंडीगढ़ और गुरुग्राम की कुल 13 जगहों पर की जा रही है। यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट ऐक्ट (FEMA) के तहत हो रही है। जिन जगहों पर छापेमारी हुई है, उनमें संगीव अरोड़ा के घर के अलावा उनके बिजनेस पार्टनर हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल के ऑफिस और दफ्तर भी शामिल हैं। साथ ही, संजीव अरोड़ा के बेटे काव्य अरोड़ा के ठिकानों पर भी छापेमारी हो रही है।

 

यह भी पढ़ें: 'BJP ऐसे ही तैयारी करती है', संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर ED की रेड पर भड़की AAP

 

ईडी के अधिकारियों ने बताया है कि संजीव अरोड़ा ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करके पंजाब में अवैध सट्टेबाजी करने वाले लोगों को संरक्षण दिया है और इसके बदले में वह अपना कट लेते हैं। ईडी का आरोप है, 'संजीव अरोड़ा अपनी कंपनियों का इस्तेमाल करके अवैध पैसों को निवेश के रूप में दिखाते हैं और इस तरह मनी लॉन्ड्रिंग करते हैं। इसके अलावा, संजीव अरोड़ा की कंपनियां कई फेक एक्सपोर्ट बनाने और UAE से पैसों की हेराफेरी और कई फर्जी GST यूनिट से फर्जी खरीद-फरोख्त दिखाने के भी आरोप हैं।'

 

चंद्रशेखर अग्रवाल और हेमंत सूद क्यों फंसे?

संजीव अरोड़ा के पार्टनर चंद्रशेखर अग्रवाल के बारे में ईडी ने कहा है कि पहले वह क्रिकेट सट्टेबाज थे और बाद में वह हवाला कारोबार करने लगे। ईडी के मुताबिक, चंद्रशेखर ने खिलाड़ी बुक नाम से एक सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म बनाया और इसके जरिए हजारों लोगों से ठगी की है। इस तरह जुटाए गए पैसों को उन्होंने UAE में रखा और फिर फिनडॉक और रियल एस्टेट के जरिए भारत ले आए और इसमें संजीव अरोड़ा ने उनकी मदद की।

 

यह भी पढ़ें: राघव चड्ढा की जगह डिप्टी लीडर बने थे अशोक मित्तल, अब पड़ गया ED का छापा

 

वहीं, हेमंत सूद के बारे में ईडी का कहना है कि वह फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट और स्टॉक ब्रोकिंग करने वाली एक कंपनी फिनडॉक फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड टलाते हैं। यह कंपनी गुजरात की गिफ्ट सिटी, गुरुग्राम और लुधियाना से चलती है। ईडी के आरोप है कि हेमंत सूद ने संजीव अरोड़ा से पार्टनरशिप करके अवैध तरीके से कमाए पैसों की UAE से भारत तक राउंड ट्रिपिंग की है और इनसाइडर ट्रेडिंग के जरिए खूब अवैध पैसे बनाए हैं। ईडी का कहना है कि हेमंत सूद ने सट्टेबाजी का काम करने वाले और हवाला कारोबार करने वाले कई लोगों की मदद की है और उनके काले धन को सफेद में बदलने का काम किया है। इसके लिए वह फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट का इस्तेमाल करते हैं। 

 

संजीव अरोड़ा की कंपनियों के बारे में ईडी का कहना है, 'संजीव अरोड़ा हैंपटन स्काई रियलिटी लिमिटेड के प्रमोटर हैं, इसी कंपनी का नाम पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेज था। यह कंपनी पंजाब के कई बड़े रियल एस्टेट का काम करती है। उनके बेटे काव्य अरोड़ा इस समय कंपनी के डायरेक्टर हैं और उनके ठिकानों पर भी छापेमारी हो रही है। संजीव अरोड़ा की कंपनी पर कई तरह की गड़बड़ियों जैसे कि पंजाब में अवैध लैंड यूज, शेयर के दाम बढ़ाने के लिए फर्जी बुकिंग, शेयर मार्केट में इनसाइडर ट्रेडिंग, फर्जी तरीके से कमाए पैसों की राउंड ट्रिपिंग और अवैध सबट्टेबाजी करने के आरोप हैं।

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