पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता इल्तिजा मुफ्ती, सैयद अली शाह गिलानी का एक वीडियो शेयर करके मुश्किलों में फंस गईं हैं। सैयद शाह गिलानी, उर्दू भाषा की अहमियत पर कुछ बोल रहे थे। यही वीडियो, इल्तिजा मुफ्ती ने भी शेयर किया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के साइबर विंग ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और 156 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। वीडियो सिर्फ 61 सेकंड का था, जिसमें गिलानी उर्दू भाषा के बारे में बात कर रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। 

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कैसे फंस गईं इल्तिजा मुफ्ती?

इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का पुराना वीडियो शेयर किया था। इसके चलते कश्मीर साइबर पुलिस ने उनके और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। शुक्रवार को इल्तिजा मुफ्ती ने खुद इसकी पूरी जिम्मेदारी ली और कहा कि सिर्फ उन्हें ही पूछताछ करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से अपील की कि जिन लोगों ने उनका पोस्ट दोबारा शेयर किया, उन्हें परेशान न किया जाए।

वीडियो में ऐसा क्या है कि पुलिस ने कार्रवाई की?

इल्तिजा मुफ्ती ने सैयद गिलानी का एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने उर्दू भाषा की अहमियत बताई थी और कहा था कि भारत इसे कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। इल्तिजा ने लिखा कि गिलानी की विचारधारा से वह सहमत नहीं हैं, लेकिन उर्दू पर उनका बयान देखने लायक है।

 

 

 

कैसे भड़का बवाल?

श्रीनगर में इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शुक्रवार को इल्तिजा ने अपना बयान जारी किया और कहा कि इस मामले में उनके समर्थकों को न लपेटा जाए। इल्तिजा मुफ्ती ने कहा है वह इस वीडियो की पूरी जिम्मेदारी लेती हैं। उन्होंने पुलिस से अपील की कि जिन लोगों ने उनका पोस्ट शेयर किया है, उन्हें न बुलाया जाए और न परेशान किया जाए। 

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इल्तिजा मुफ्ती, नेता, PDP:-
मैं कानून का पालन करने वाली नागरिक हूं। अगर कोई सवाल हो तो मुझसे पूछें। मैं पूरा सहयोग करूंगी।

CM उमर अब्दुल्ला इल्तिजा पर भड़के क्यों?

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इल्तिजा मुफ्ती पर आरोप लगाया कि वह उर्दू को लेकर झूठ फैला रही हैं। उन्होंने कहा कि पीडीपी राज्‍यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में वोट देने के मामले में घिर गई है, इसलिए ध्यान भटकाने के लिए यह मुद्दा उठाया जा रहा है। 

उर्दू को लेकर कश्मीर में बवाल क्यों भड़का है?

सरकार ने राजस्व विभाग में भर्ती के नियम कथित तौर पर बदले थे, जिसमें उर्दू को जरूरी विषय से हटा दिया गया था। इल्तिजा मुफ्ती इसी मुद्दे पर विरोध कर रही थीं। सैयद गिलानी का वीडियो उन्होंने इसी बहस के बीच शेयर किया। पुलिस का कहना है कि यह वीडियो अलगाववादी विचारधारा फैलाने और देश की संप्रभुता के खिलाफ है।

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सरकार क्या कह रही है?

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि सरकार ने सिर्फ जनता की राय मांगी थी, उर्दू हटाने का कोई फैसला नहीं हुआ है। इल्तिजा ने जवाब दिया कि यह प्रस्ताव ही उर्दू को मिटाने की कोशिश है। इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि वह कानून मानती हैं और पुलिस के साथ पूरा सहयोग करेंगी। उर्दू भाषा और भर्ती नियमों को लेकर कश्मीर में हंगामा हो रहा है।