बिहार में अपराध से जुड़े मामलों का निपटारा अब और तेजी से होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही अब हर महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर लगाया जाएगा, जहां प्रखंड स्तर से लोग सीधे अपनी शिकायत रख सकेंगे। शुक्रवार को बोधगया स्थित महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में 'नए आपराधिक कानूनों के एकीकृत कार्यान्वयन' पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नए कानूनों से बिहार में कानून का राज और मजबूत होगा।
इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि देश की करीब 10 प्रतिशत आबादी और 14 करोड़ से अधिक लोगों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी बिहार की न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन पर है। बिहार की पहचान हमेशा न्याय के साथ विकास की रही है। इसके बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि अपराध से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। इससे स्पीडी ट्रायल को बल मिलेगा और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलेगा।
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हर महीने पटना में लगेगा सहयोग शिविर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहयोग कार्यक्रम की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि अभी हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी प्रखंडों में सहयोग शिविर लगता है। इसमें आवेदन आने के 30 दिन के अंदर निष्पादन करना अनिवार्य है। अगर 30 दिन में काम नहीं हुआ तो 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से संबंधित अधिकारी के निलंबन का आदेश जारी हो जाता है। अब इसे और बढ़ाया जाएगा। सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि हर महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर आयोजित होगा।
न्यायपालिका और पुलिस-प्रशासन का तालमेल
सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि न्याय तभी सार्थक होगा, जब जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा। इसके लिए न्यायपालिका, पुलिस और कार्यपालिका के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सरकार और न्यायपालिका के बीच नियमित अंतराल पर समन्वय बैठकें होंगी, ताकि जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि नए कानूनों को नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ लागू करना समय की मांग है। इसमें तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। अपराध नियंत्रण, निगरानी और त्वरित न्याय में आधुनिक तकनीक बड़ी भूमिका निभाएगी।
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दस मिनट से घटकर सात-आठ मिनट होगा रिस्पॉन्स टाइम
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि थानों को सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था से सुसज्जित किया जा रहा है। फॉरेंसिक लैब, मोबाइल फॉरेंसिक वैन और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। 112 आपातकालीन सेवा के जरिए पुलिस अभी औसतन 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच रही है। इसे घटाकर 7 से 8 मिनट करने का लक्ष्य रखा गया है। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा और न्याय
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार शिक्षा और ज्ञान की भूमि रही है। इसी महीने राज्य में 211 नए डिग्री कॉलेज और 534 मॉडल स्कूल स्थापित करने की दिशा में काम हो रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है।


