सीनियर IPS अधिकारी किशन सहाय मीणा पर एक महिला ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके खिलाफ कार्मिक विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। कार्मिक विभाग ने उन्हें, इंस्पेक्टर जनरल, मानवाधिकार के पद से हटा दिया है। अगले आदेश तक, उनके पास कोई विभाग नहीं होगा। यह कार्रवाई तब की जाती है, जब किसी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगते हैं और सरकार चाहती है कि वह जांच को प्रभावित न कर सके।
IPS किशन सहाय पर जयपुर के मालवीय नगर थाने में यह मुकदमा दर्ज हुआ है। एक 53 साल की महिला ने अधिकारी पर यौन शोषण, रेप, मारपीट और धमकी देने के संगीन आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि किशन सहाय ने शादी का झांसा देकर, उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाए, सरकारी आवास पर जबरदस्ती की। विरोध करने पर महिला के साथ मारपीट की गई है।
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ISP अधिकारी पर आरोप क्या हैं?
IPS अधिकारी पर आरोप है कि महिला को आवास पर ही मारा-पीटा गया। उसके साथ जबरदस्ती की गई, उसका फोन छीन लिया गया। महिला पर दबाव बनाया गया कि अगर वह शिकायत करती है तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। महिला ने अपनी तहरीर में कहा है कि अधिकारी, बार-बार वीडियो कॉल करके उसे धमकाते थे, मामला दबाने की बात कहते रहे।
महिला ने शिकायत कैसे दी है?
महिला ने सुरक्षा वजहों से डाक के जरिए अपनी शिकायत भेजी है। पुलिस ने इसी आधार पर शिकायत दर्ज की है। केस की छानबीन की जा रही है। पीड़िता का बयान दर्ज किया जाए, फिर IPS अधिकारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। IPS किशन सहाय मीणा पर पहले भी विवादों में रहे हैं।
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IPS किशन सहाय ने क्या कहा है?
IPS किशन सहाय का कहना है कि उन पर लगे आरोप साजिश हैं। जानबूझकर उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। उनका इन आरोपों से कोई लेना देना नहीं है। महिला के आरोप बेहद संगीन हैं।
विवादों में रहे हैं IPS किशन सहाय
IPS किशन सहाय पहले भी विवादों में रहे हैं। उन्हें झारखंड विधानसभा चुनावों में जिम्मेदारी दी गई थी, वह जयपुर वापस लौट आए थे। चुनाव आयोग ने नाराजगी जाहिर की थी और राजस्थान के मुख्य सचिव और DGP ने उन्हें निलंबित किया था। किशन सहाय प्रेमानंद और धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने के आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा था कि भगवान की कल्पना भ्रामक है, इनमें कोई दम नहीं है।
