उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस विभाग को शर्मसार कर दिया है। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 साल की एक लड़की के अपहरण और गैंगरेप के मामले में एक दरोगा ही आरोपी है। यह मामला इतना ही नहीं है। जब पीड़िता अपनी शिकायत लेकर थाने गई तो पुलिसकर्मियों ने भी जमकर लीपापोती करने की कोशिश की। इस के दो मुख्य आरोपियों में से एक यानी यूट्यूबर शिवबरन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरा आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्य फरार है। मामले में ढिलाई बरतने के लिए पुलिस उपायुक्त दिनेश चंद्र त्रिपाठी को पद से हटा दिया गया है और सचेंडी थाने के थानाध्यक्ष विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। 

 

यह मामला कानपुर के सचेंडी इलाके का है। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, सोमवार की रात करीब 10 बजे यूट्यूबर शिवरबरन यादव और दरोगा अमित कुमार मौर्या ने उसे एक कार में किडनैप कर लिया। ये लोग पीड़िता को एक रेलवे लाइन के किनारे सूनसान इलाके में ले गए और दो घंटे तक उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद दोनों ने पीड़िता को उसके घर के बाहर बेहोशी की हालत में छोड़ दिया और फरार हो गए। बाद में किसी तरह वह अपने घर पहुंची तो परिजन उसे लेकर थाने गए। यहां से पुलिसकर्मियों का ऐसा चेहरा सामने आया जिसने पुलिस विभाग को ही शर्मसार कर दिया।

पुलिसकर्मियों ने क्या किया?

 

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया है कि जांच में पता चला है कि बिठूर थाने में तैनात होने के बावजूद दरोगा अमित मौर्य घटना के समय सचेंडी में मौजूद था। इस बीच, पीड़ित लड़की के परिवार ने स्थानीय पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने एक पुलिसकर्मी के शामिल होने की बात कही तो उन्हें पहले भगा दिया गया। लड़की के भाई ने बताया कि पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया और जब तक अदालत में उसका बयान दर्ज नहीं हो गया तब तक उसे घर नहीं लौटने दिया।

 

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पीड़िता के भाई का कहना है कि आरोपी दरोगा ने उन्हें धमकी देते हुए कहा, 'तूने मेरा नाम कैसे ले लिया। तुझे देख लूंगा।' इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि मामला गर्म हुआ तो उन्हें लगातार फोन आने लगे और पुलिसकर्मियों ने उनका फोन छीन लिया। हालांकि, जांच के लिए पहुंचे कपिल देव सिंह ने फोन वापस दिला दिया है।

 

 

 

पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

 

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने इस घटना के बारे में बताया है, 'पीड़ित लड़की के बयान के आधार पर दारोगा अमित कुमार मौर्या और यूट्यूबर शिवबरन यादव को मुकदमे में नामजद किया गया है। शिवबरन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि फरार दारोगा को पकड़ने के लिए चार टीमें बनाई गई हैं।'उन्होंने बताया कि अपराध में इस्तेमाल की गई कार दारोगा मौर्या की है और उसे जब्त कर लिया गया है। अमित मौर्या फरार हैं और पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कथित लापरवाही और तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने के आरोप में पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) दिनेश चंद्र त्रिपाठी को पद से हटा दिया है और सचेंडी के थानाध्यक्ष विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया है।

 

कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, सचेंडी के थानाध्यक्ष विक्रम सिंह को शुरुआत में पॉक्सो ऐक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करने और केस रिकॉर्ड में तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) दिनेश चंद्र त्रिपाठी को पद हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच अपर पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) कपिल देव सिंह को सौंपी गई है।

 

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बताया गया है कि यूट्यूबर और मुख्य आरोपी शिवबरन के खिलाफ पहले से भी कई केस दर्ज हैं। सितंबर 2024 में उसे अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था। बाद में एक बार डीजल और पेट्रोल की चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में फंसने के बाद ही वह यूट्यूब चैनल चलाने लगा और खुद को यूट्यूबर बताने लगे।

 

इस मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के विरोध में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से मुलाकात की। रघुबीर लाल ने आश्वासन देते हुए कहा है, 'जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'