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इंदौर, गांधी नगर के बाद नोएडा में गंदा पानी, बच्चों समेत कई बीमार

देश में गंदे पानी से बीमार पड़ने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-1 में पीने के पानी में सीवेज मिलने से बच्चों समेत कई लोग बीमार पड़े। इसके बाद प्रशासन ने लीकेज ठीक कर इलाज और जांच की कार्रवाई की।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Sora

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पूरे देश में गंदे पानी के कारण बीमार पड़ने के मामलों में कमी नहीं आ रही है। कुछ दिन पहले इंदौर और फिर गांधी नगर में ऐसे मामले सामने आए थे और अब उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-1 में पीने के पानी की सप्लाई में सीवेज का पानी मिल गया। इसके बाद बच्चों सहित दर्जनों लोगों को उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत हुई। 7 जनवरी को GNIDA और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इलाके का दौरा किया और पानी की पाइपलाइन में हुई लीकेज को ठीक किया। बीमार लोगों को दवाइयां, ORS, ग्लूकोज और एंटी-इंफ्लेमेटरी एंटासिड बांटे गए। साथ ही जांच के लिए पानी के सैंपल भी लिए गए।

 

प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि लीकेज को ठीक कर दिया गया है। GNIDA के अनुसार, पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। GNIDA के जल विभाग के असिस्टेंट मैनेजर मनोज चौधरी ने बताया कि ब्लॉक C में पुरानी पानी की पाइपलाइन का एक हिस्सा लीक हो रहा था, जिसे जानकारी मिलते ही उसी दिन ठीक कर दिया गया।

 

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लोगों को डर 

यहां रहने वाले लोगों को डर है कि कहीं इंदौर जैसी घटना दोबारा न हो जाए। इंदौर में गंदा पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज्यादा लोग इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की लेकिन पाइपलाइन बहुत पुरानी है और उसमें बार-बार लीकेज हो जाता है। इसी वजह से सप्लाई का पानी अक्सर खराब रहता है।

 

वहीं, अधिकारियों का कहना है कि सेक्टर के अन्य हिस्सों में भी जांच की गई है। एक स्थान पर दो और पाइपलाइनों में लीकेज पाया गया, जिन्हें बदल दिया गया है। मरम्मत के बाद सप्लाई शुरू करने से पहले पानी की जांच की गई, जो सामान्य पाई गई।

डॉक्टर ने क्या दी जानकारी?

CHC कासना के CMS डॉ. नारायण किशोर ने एक मीडिया प्लैटफॉर्म को बताया कि उन्हें 7 जनवरी की सुबह RWA के सदस्यों से इस बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद एक मेडिकल कैंप लगाया गया। उन्होंने कहा, 'लगभग 30 लोग डॉक्टरों के पास आए, उनमें से पांच से छह लोगों को दवाएं दी गईं है। कुछ और लोगों को ORS लेने की सलाह दी गई। स्थिति कंट्रोल में है और अगर जरूरत पड़ी तो हम कल एक और कैंप लगाएंगे।' निवासियों की मानें तो दस्त के मामले सोमवार (7 जनवरी) से ही सामने आने लगे थे।

 

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अब तक लगभग 12 लोग बीमार

सेक्टर डेल्टा 1 के RWA अध्यक्ष प्रमोद भाटी ने दावा किया कि अब तक लगभग 12 लोग बीमार पड़ चुके हैं, जिनमें 12 से 15 साल के कुछ बच्चे भी शामिल हैं। भाटी ने कहा, 'लगभग सभी ब्लॉक C के निवासी हैं, जहां कुछ दिन पहले पाइपलाइन फट गई थी, और उन्होंने उल्टी, बुखार और लूज मोशन की शिकायत की है। पिछले हफ्ते, ब्लॉक F में भी इसी तरह का लीकेज हुआ था।' प्रमोद भाटी ने यह भी दावा किया कि यह एक हफ्ते के अंदर उस सेक्टर में तीसरी पानी की पाइपलाइन खराब होने की घटना है, जिसमें A से F तक छह ब्लॉक में लगभग 20,000 लोग रहते हैं।

 

यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि वे पेट के इफेक्शन से परेशान हैं। पानी पीते ही बेचैनी होने लगती है, इसके बाद दस्त हो जाते हैं और शरीर में काफी कमजोरी महसूस होती है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके की बंद सीवर लाइनों को एक नाले में मोड़ दिया गया था। इसी कारण सीवेज उसी नाले से गुजर रही लीक हो चुकी पानी की सप्लाई पाइपलाइन में मिल गया। एक निवासी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा को भले ही इंडस्ट्रियल और निवेश का हब बताया जा रहा हो लेकिन बुनियादी नागरिक सुविधाएं अब भी पीछे हैं।

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