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UP में रद्द हुई असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती परीक्षा, CM योगी ने क्या कारण बताए?

उत्तर प्रदेश में अप्रैल 2025 में हुई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। इस संबंध में आयोग ने एक प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी।

CM Yogi Adityanath

सीएम योगी आदित्यनाथ, Photo Credit- X @myogiadityanath

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उत्तर प्रदेश में असिस्टें अप्रैल 2025 में हुई प्रोफेसर की भर्ती परीक्षा से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है। परीक्षा के करीब 9 महीने बाद यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। यह कड़ा कदम यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की कार्रवाई के बाद उठाया गया है। यूपी एसटीएफ ने असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में धांधली और इससे जुड़ी अवैध पैसा वसूली का खुलासा किया था और इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था। यूपी एसटीएफ की रिपोर्ट पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस भर्ती परीक्षा को रद्द करने के आदेश दे दिए हैं। 

 

इस संबंध में आयोग की ओर से एक प्रेस नोट भी जारी किया गया है। इस प्रेस नोट में कहा गया है कि यूपी एसटीएफ को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से विज्ञापन संख्या 51 के अंतर्गत असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों हेतु अप्रैल 2025 में आयोजित परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं, धांधली और अवैध धन वसूली से जुड़ी सूचनाएं मिली हैं। इन सूचनाओं के बाद ही आयोग ने इस परीक्षा को निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। यह परीक्षा 16 अप्रैल 2025 और 17 अप्रैल 2025 को हुई थी। 

 

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सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश

इस मामले में अब सीएम योगी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। आयोग ने प्रेस रिलीज में कहा है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में मिली गुप्त जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने फर्जी पेपर बनाकर उम्मीदवारों को ठगने वाले गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल के रूप में हुई है। इन तीनों पर परीक्षा में धांधली एवं अवैध धन वसूली के आरोप लगे हैं।

 

जांच पता चला कि परीक्षा में सॉल्वर गैंग, अवैध धन वसूली और प्रश्नपत्र लीक जैसे गंभीर अनियमितताएं हुई थीं। इस मामले में लखनऊ के विभूतिखंड थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। यूपी एसटीएफ ने जिन तीन लोगों को पकड़ा है उनमें से एक महबूब अली उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि उस समय आरोपी महबूब अली आयोग के चेयरमैन का गोपनीय सहायक था। पूछताछ में आरोपी महबूब अली ने माना कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान ही कई विषयों के क्वश्चेन पेपर निकाल लिए थे। पूछताछ के दौरान, महबूब अली ने कबूल किया कि उसने कई विषयों के पेपर बनाए थे और उन्हें उम्मीदवारों को मोटी फीस लेकर बेचा था।

 

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1 लाख से ज्यादा उम्मीदवार

उत्तर प्रदेश में जारी इस असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए 1 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने अप्लाई किया था। इस भर्ती के जरिए 1,017 खाली पदों को भरा जाना था। अब उम्मीदवारों के मन में एक ही सवाल है कि अब यब परीक्षा कब होगी। सीएम योगी ने आयोग को जल्द ही इस परीक्षा का नया शेड्यूल जारी करने के लिए कहा है। 


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