महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के राजनीतिक सलाहकार नरेश अरोड़ा और उनकी कंपनी 'डिजाइन बॉक्स्ड' पर मंगलवार को क्राइम ब्रांच ने छापा मारा। संदिग्ध जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने पुणे स्थित ऑफिस में छापा मारा। डिजाइन बॉक्स्ड एक पॉलिटिकल मैनेजमेंट कंपनी है, जो NCP के लिए काम करती है। हालांकि, पुलिस ने बताया कि यहां कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला।

 

क्राइम ब्रांच ने ये छापेमारी पुणे में नगर निगम चुनाव से दो दिन पहले की है। अजित पवार और पुणे पुलिस कमिश्नर ने इस बात की पुष्टि की है कि वाकड़ेवाड़ी-शिवाजीनगर इलाके में डिजाइन बॉक्स्ड के दफ्तर में क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची थी।

 

डिज़ाइनबॉक्सड के मैनेजिंग डायरेक्टर नरेश अरोड़ा ने दावा किया कि जब वह NCP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यस्त थे, तब क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने उनके स्टाफ से NCP के लिए किए जा रहे काम के बारे में पूछा और कुछ दस्तावेज और फोन नंबर मांगे।

 

इस छापेमारी के बाद कुछ सियासी सवाल भी उठ रहे हैं। वह इसलिए क्योंकि सरकार में बीजेपी और एनसीपी भले ही साथ हों लेकिन पुणे के पिंपरी-चिंचवाड़ में दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहीं हैं।

 

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अजित पवार ने क्या कहा?

अजित पवार ने X पर बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम कुछ जानकारी लेने के लिए नरेश अरोड़ा और उनकी कंपनी डिजाइन बॉक्स्ड के पुणे ऑफिस पहुंची थी।

 

डिजाइन बॉक्स्ड एक क्रिएटिव पॉलिटिकल डिजिटल कैंपेन मैनेजमेंट कंपनी है जो डिजिटल मीडिया कैंपेन में काम करती है। कंपनी ने नगर निगम चुनावों के लिए एनसीपी के कैंपेन को संभाला था।

 

अजित पवार ने कहा कि क्राइम ब्रांच को सभी जरूरी जानकारी दी गई और अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया गया। इस दौरान कोई आपत्तिजनक बात या कोई अनियमितता नहीं पाई गई।

 

 

उन्होंने कहा कि इस मामले में एनसीपी नरेश अरोड़ा और डिजाइन बॉक्सड के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी कानून का सम्मान करती है और सभी वैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग करने में विश्वास रखती है। पवार ने आगे कहा, 'इस मामले में भी संबंधित एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया गया है।'

 

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क्राइम ब्रांच ने क्यों मारा था छापा?

पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि कथित संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी मिलने के बाद एक अधिकारी और दो पुलिसकर्मियों को डिजाइन बॉक्स्ड के ऑफिस भेजा गया था, लेकिन कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला।

 

उन्होंने कहा, 'पुणे कमिश्नरेट के अधिकार क्षेत्र में एक जगह पर संदिग्ध गतिविधि होने की जानकारी मिली थी। तुरंत एक अधिकारी और दो पुलिसकर्मियों की एक टीम को इसकी जांच के लिए भेजा गया था।'

 

उन्होंने बताया कि वेरिफिकेशन के दौरान न तो ऑफिस में और न ही वहां काम करने वाले लोगों के पास कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इसके बाद टीम वहां से चली गई। कुछ भी गलत नहीं पाया गया।

 

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नरेश अरोड़ा। (Photo Credit: Social Media)

नरेश अरोड़ा का क्या है कहना?

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिजाइन बॉक्स्ड के एमडी नरेश अरोड़ा ने कहा कि क्राइम ब्रांच के लोग शाम को कंपनी के ऑफिस आए थे। इस दौरान अरोड़ा और बाकी सीनियर स्टाफ यहां नहीं था, क्योंकि वे लोग एनसीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यस्त थे।

 

अरोड़ा ने कहा, 'हमारे स्टाफ ने जवाब दिया और उन्हें जो भी जानकारी चाहिए थी, वह दी। टीम ने कुछ डॉक्यूमेंट्स और कुछ फोन नंबर मांगे, जिस पर हमारे स्टाफ मेंबर्स ने उन्हें बताया कि वे जानकारी नहीं दे सकते क्योंकि सीनियर स्टाफ ऑफिस में नहीं था।'

 

उन्होंने आगे कहा कि स्टाफ ने उनकी पहचान पूछी, जिस पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि वे क्राइम ब्रांच से हैं।

 

उन्होंने कहा, 'स्टाफ ने उनसे कहा कि वे फोन पर उनसे बात करवाने में मदद करेंगे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। हमें पता चला कि टीम कुछ जानकारी के आधार पर आई थी जो उन्हें मिली थी। पुलिस टीम ने स्टाफ को अपना नंबर दिया। हम उस नंबर पर कॉल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं दे रहा है।' उन्होंने कहा कि वह टीम का पूरा सहयोग कर रहे हैं।