हाल ही में महाराष्ट्र में स्कूलों और उनके आसपास 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की दुकानों पर रोक लगा दिया गया। अब स्कूलों के भीतर, बाहर और आसपास वड़ापाव, समोसा, पेस्ट्री, बर्गर, मोमोज जैसे जंक फूड नहीं मिल रहे हैं। इस बीच एक छोटे बच्चे ने फूड और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे से वड़ापाव को फिर से स्कूल के पास वापस लाने की मांग की है। इसपर तुकाराम मुंढे ने जो जवाब दिया, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

बच्चे की मांग को खारिज करने के बजाय, कमिश्नर तुकारा मुंढे मुस्कुराए और समझाया कि बच्चों को अपने पसंदीदा स्नैक्स से आगे क्यों देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम वड़ा पाव नहीं खाएंगे तो हमारी जिदगी नहीं रुकेगी। 

 

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो  

सोशल मीडिया पर बच्चे और तुकाराम मुंढे के बीच जो बातचीत हुई, इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बच्चे ने कहा, 'स्कूलों में वड़ा पाव बैन कर दिया गया है लेकिन मैं और मेरे दोस्त इसे वापस चाहते हैं। आपका क्या कहना है?' बच्चे की मांग को खारिज करने के बजाय, तुकाराम मुंढे ने मुस्कुराते हुए कहा कि बच्चों को अपने पसंदीदा स्नैक्स से आगे क्यों देखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर हम वड़ा पाव नहीं खाएंगे तो हमारी जिंदगी नहीं रुकेगी। इसके उलट, अगर आप अच्छा पौष्टिक खाना खाते हैं, तो आप बहुत बेहतर बढ़ेंगे।'

तले हुए स्नैक्स से बचने की सलाह

तुकाराम मुंढे ने बच्चों को तले हुए स्नैक्स के बजाय पौष्टिक खाना खाने की सलाह दी। उन्होंने कहा तले हुए स्नैक्स से बचें और पौष्टिक खाने, खासकर प्रोटीन वाले ऑप्शन पर ध्यान दें। बच्चों को एक बैलेंस्ड डाइट की जरूरत होती है जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल शामिल हों। दाल, बीन्स, दूध, दही, अंडे और दूसरे प्रोटीन वाले खाने हेल्दी ग्रोथ में मदद कर सकते हैं।  

 

उन्होंने कहा कि बात यह नहीं है कि एक वड़ा पाव बच्चे को नुकसान पहुंचाएगा।  ज्यादा जरूरी यह है कि खाने का पूरा पैटर्न कैसा है और कितनी बार कम पौष्टिक खाना बैलेंस्ड खाने की जगह ले लेता है। उनकी यह सलाह स्कूलों और उसके आस-पास हाई-फैट, चीनी और नमक (HFSS) वाले खाने के खिलाफ राज्य भर में चल रही मुहिम के बीच आई है।