राजस्थान की सियासत में उस समय नया बखेड़ा खड़ा हो गया, जब पूर्व कैबिनेट मंत्री और प्रमुख आदिवासी नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय पर राज्य एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार सुबह छापेमारी की। ये छापेमारी ठीक उस समय हुई, जब उन्होंने बीजेपी छोड़कर अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में वापसी की इच्छा जाहिर की थी। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे 'लोकतंत्र का अपमान' और 'राजनीतिक बदले की भावना से एजेंसियों का दुरुपयोग' करार दिया है।
महेंद्रजीत सिंह मालवीय बागीदौरा विधानसभा से 3 बार विधायक रह चुके हैं और अशोक गहलोत सरकार में जल संसाधन मंत्री रह चुके हैं। वह लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। पहले कांग्रेस के बड़े चेहरे थे।
2024 लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने पार्टी छोड़ बीजेपी जॉइन की थी और बांसवाड़ा से चुनाव लड़ा, लेकिन भारत आदिवासी पार्टी के राजकुमार रोत से हार गए।
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बीजेपी क्यों छोड़ने वाले थे?
रविवार को जयपुर के संविधान क्लब में उन्होंने कांग्रेस महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा और विपक्ष के नेता टीकाराम जुली से मुलाकात की।
उन्होंने मीडिया से कहा था, 'बीजेपी सरकार में कोई ऐसा नहीं है जो गरीबों की बात सुने। मनरेगा का भुगतान महीनों से रुका हुआ है, और किसानों को खाद नहीं मिल रही है। मैंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को कई बार लिखा है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। इसलिए, मैंने मान लिया है कि आदिवासी इलाकों में सिर्फ कांग्रेस ही जनता का भला कर सकती है।'
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48 घंटे के भीतर ही ACB का छापा
बीजेपी छोड़ने का ऐलान करते हुए मंगलवार सुबह 9 बजे ACB की टीम ने मालवीय से जुड़ी तीन संपत्तियों पर छापा मारा। इनमें दो पेट्रोल पंप और एक क्रशर प्लांट शामिल हैं।
ACB की टीम मंगलवार सुबह करीब 9 बजे कार से बागीदौरा स्थित पेट्रोल पंप पहुंची। उस समय मैनेजर रामगोविंद मौजूद नहीं थे। टीम ने करीब एक घंटे तक इंतजार किया। बाद में टीम ने जरूरी दस्तावेज, जमीन के कागजात और लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटाई।
इसके बाद टीम क्रशर प्लांट पहुंची। यहां भी रिकॉर्ड की जांच की गई। दोपहर करीब 1 बजे टीम दोबारा बागीदौरा पेट्रोल पंप लौटी और मैनेजर रामगोविंद से पूछताछ की।
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कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र का अपमान
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस छापेमारी को लोकतंत्र का अपमान बताया। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'जब कार्रवाई से पहले टाइमिंग बोलने लगे, तो उसे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई नहीं, साफ-साफ राजनीतिक साजिश कहा जाता है।'

उन्होंने कहा, 'ED, CBI के बाद अब ACB को भी राजनीतिक हथियार बना देना, एक एजेंसी की नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता को उजागर करता है। इतना खुला खेल मत खेलिए साहब कि खेल खुद ही बेनक़ाब हो जाए, आज ACB की हर कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।'
इससे पहले डोटासरा ने कहा था कि 'मालवीय जी बीजेपी में असहज महसूस कर रहे थे। वह कांग्रेस में लौटना चाहते थे, जहां उन्हें सम्मान मिलेगा। बीजेपी में धोखे, झूठ और बेईमानी के अलावा कुछ नहीं हो रहा है।'
