उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शिव मंदिर में रहने वाले 81 वर्षीय पुजारी और रिटायर्ड फौजी स्वामी देवानंद भारती की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मंगलवार रात बाइक सवार दो युवक मंदिर पहुंचे। उन्होंने पहले पुजारी को आवाज देकर कमरे का दरवाजा खुलवाया और करीब दो मिनट तक बातचीत की। इसके बाद गोली मारकर फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर पास में तैनात पीआरडी जवान मौके की ओर दौड़ा लेकिन तब तक हमलावर निकल चुके थे। मंदिर परिसर में बुजुर्ग पुजारी की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।

हत्याकांड भौराकलां थाना क्षेत्र में कुरावा मार्ग पर आईटीआई कॉलेज के पास स्थित गुंबद शिव मंदिर में हुआ। स्वामी देवानंद भारती मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले थे। वह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद मंदिर में पूजा-पाठ करते थे और परिसर में बने कमरे में ही रहते थे। वह पिछले करीब 25 वर्षों से इस मंदिर में रह रहे थे।मंगलवार रात करीब 8 से 9 बजे के बीच बाइक सवार दो युवक मंदिर पहुंचे। उन्होंने पुजारी को आवाज लगाई, जिसके बाद उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला। दोनों युवकों ने उनसे कुछ देर बातचीत की और फिर गोली चला दी।

 

गोली की आवाज सुनकर पास में आईटीआई परिसर में तैनात पीआरडी जवान मौके की तरफ दौड़ा। तब तक दोनों युवक बाइक से फरार हो गए। कमरे में पुजारी का लहूलुहान शव पड़ा मिला। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद भौराकलां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

सीने में लगी गोली, मौके से खोखा बरामद

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने पुजारी के सीने में गोली मारी। पुलिस को घटनास्थल से कारतूस का खोखा मिला है। गोली शरीर के आर-पार होने की जानकारी भी सामने आई है। फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया गया है।वारदात की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर परिक्षेत्र के डीआईजी अभिषेक सिंह और मुजफ्फरनगर के एसएसपी सूरज कुमार राय घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय पुलिस से जानकारी ली। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

 

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परिचित थे हमलावर?

शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि हमलावर पुजारी के परिचित हो सकते हैं। इसकी वजह यह है कि दोनों युवक मंदिर पहुंचे, आवाज देकर पुजारी को बाहर बुलाया और कुछ देर बातचीत करने के बाद गोली मार दी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी कौन हैं और हत्या के पीछे क्या कारण है।पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पुजारी का किसी से विवाद था या नहीं। पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद और अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। फिलहाल किसी एक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने एसओजी, सर्विलांस, स्थानीय थाना पुलिस और अन्य पुलिस इकाइयों की मदद से तलाश तेज की है। खुलासे के लिए पांच टीमों के गठन की जानकारी सामने आई है। पुलिस आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि बाइक सवार युवकों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आसपास के इलाकों और संभावित रास्तों पर भी तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

 

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मंदिर में अकेले रहते थे स्वामी देवानंद भारती

स्वामी देवानंद भारती लंबे समय से मंदिर परिसर में अकेले रहकर पूजा-पाठ करते थे। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने धार्मिक जीवन अपना लिया था। उनकी हत्या ने मंदिर परिसर की सुरक्षा और वारदात के पीछे की वजह को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी पहले मंदिर आते-जाते थे या घटना से पहले उन्होंने रेकी की थी।81 वर्षीय सेवानिवृत्त फौजी पुजारी की हत्या के मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हमलावरों ने उन्हें निशाना क्यों बनाया। पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही वारदात की असली वजह सामने आ सकेगी।