हिमाचल प्रदेश में जनगणना के काम में जुटे करीब 19 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर सरकार ने 31 मार्च 2027 तक रोक लगा दी है। जनगणना की प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित बनी रहे, इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस फैसले से राज्य के विभिन्न विभागों में तैनात उन अधिकारियों और कर्मचारियों के स्टेशन बदलने पर रोक रहेगी, जिन्हें जनगणना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

प्रदेश में जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और गणना का काम पूरा हो चुका है। यहां तक कि बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में भी पहले चरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब प्रदेश के शेष क्षेत्रों में जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया जनवरी और फरवरी 2027 के दौरान प्रस्तावित है। ऐसे में सरकार का जोर जनगणना से जुड़े अमले की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने पर है।

राज्य से गणना ब्लॉक तक तय की गई जिम्मेदारी

जनगणना जैसे व्यापक अभियान को पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रदेश में राज्य, जिला, तहसील और गणना ब्लॉक स्तर तक अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्तियां की गई हैं। इन्हें निर्धारित क्षेत्रों में जनगणना से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

 

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इस कार्य में विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही हैं। जनगणना की प्रक्रिया के लिए संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। ऐसे में यदि बीच प्रक्रिया में कर्मचारियों का तबादला होता है, तो नए स्थान पर तैनाती, जिम्मेदारियों के हस्तांतरण और नए कर्मचारियों को कार्य समझाने में समय लग सकता है। इससे निर्धारित समयसीमा प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जनगणना ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।

जनवरी-फरवरी में होगी अगले चरण की प्रक्रिया

हिमाचल प्रदेश में जनगणना के पहले चरण के तहत मकानों की सूची तैयार करने और उनसे संबंधित गणना का काम पूरा किया जा चुका है। अब अगले चरण की प्रक्रिया को तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाने की तैयारी है। जनवरी और फरवरी 2027 के दौरान होने वाली इस प्रक्रिया के लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वय और कर्मचारियों की उपलब्धता महत्वपूर्ण रहेगी।

 

जनगणना का काम अलग-अलग क्षेत्रों में निर्धारित जिम्मेदारियों के आधार पर किया जाता है। इसलिए संबंधित कर्मचारियों की तैनाती में निरंतरता बनाए रखना अभियान के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक माना जा रहा है। सरकार की ओर से जारी आदेशों का उद्देश्य यही है कि जनगणना की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रक्रिया पूरी होने से पहले स्थानांतरित करने के कारण कामकाज प्रभावित न हो।

 

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जनगणना के आंकड़ों से तय होती हैं विकास की प्राथमिकताएं

जनगणना के आंकड़े केवल जनसंख्या की संख्या तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनका इस्तेमाल प्रशासनिक नियोजन, सरकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और विकास कार्यों की प्राथमिकताएं निर्धारित करने में भी किया जाता है। जनसंख्या से संबंधित आंकड़ों के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं का आकलन करने और सरकारी सेवाओं की योजना बनाने में मदद मिलती है। ऐसे में जनगणना के आंकड़ों की सटीकता और पूरी प्रक्रिया का समयबद्ध संचालन महत्वपूर्ण है।

 

संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियमावली, 1990 के तहत जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार ने इन्हीं दायित्वों को प्रभावी ढंग से पूरा करवाने के लिए तबादलों पर रोक लगाई है।

 

सरकारी आदेश एक नजर में

- प्रभावित कर्मचारी: जनगणना ड्यूटी में तैनात करीब 19 हजार अधिकारी-कर्मचारी।
- तबादलों पर रोक: 31 मार्च 2027 तक।
- पहला चरण: मकान सूचीकरण और गणना का काम पूरा।
- अगला चरण: जनवरी-फरवरी 2027 में प्रस्तावित।
- आदेश जारी करने वाला विभाग: सामान्य प्रशासन विभाग, हिमाचल प्रदेश।