उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक पुलिस अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। इंस्पेक्टर नरेश मलिक पर आरोप है कि वह एक रेप पीड़िता से फोन पर बातचीत के दौरान अभद्र और अश्लील बातें कर रहे थे। यह मामला फरवरी का है जिसका ऑडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। आरोप है कानूनी कार्यवाही की मांग कर रही पीड़िता से इंस्पेक्टर ने कहा कि वह उन्हें संतुष्ट कर देगी तभी मदद करेंगे। इसी मामले में एक और पुलिस अधिकारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जिले के एसपी ओमवीर सिंह का कहना है कि रिपोर्ट सामने आने के बाद कठोर कार्रवाईकी जाएगी।

 

यह मामला बलिया जिला मुख्यालय पर स्थित क्राइम ब्रांच में तैनात एक इंस्पेक्टर और एक कथित रेप पीड़िता के बीच फोन पर हुई बातचीत से जुड़ा है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित रूप से जिला मुख्यालय पर पुलिस कार्यालय की अपराध शाखा में कार्यरत इंस्पेक्टर नरेश मलिक पिछले दिनों उभांव थाने पर अपराध निरीक्षक के पद पर तैनाती के समय एक कथित बलात्कार पीड़िता युवती से मोबाइल फोन पर बातचीत में अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए सुनाई दे रहा है।

 

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वन विभाग के दरोगा पर है रेप का आरोप

 

सूत्रों के अनुसार, उभांव थाने में बीती 20 फरवरी को 33 वर्षीया एक युवती की तहरीर पर बिल्थरा रोड में वन विभाग में दारोगा के पद पर तैनात उग्रसेन कुमार जायसवाल के विरुद्ध बलात्कार और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, दर्ज प्राथमिकी में युवती ने शिकायत की है कि उग्रसेन ने शादी का झांसा देकर उसके साथ तकरीबन छह माह तक बलात्कार किया और अब शादी करने से इनकार करते हुए इसकी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है।

 

बलात्कार पीड़िता ने पुलिस उप महानिरीक्षक को भेजे गये शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि दर्ज प्राथमिकी में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की आड़ लेकर उभांव थाने के प्रभारी संजय शुक्ला और तत्कालीन अपराध निरीक्षक नरेश मलिक ने उसे फोन करके अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए अकेले में मिलने के लिए बुलाया और यह भी कहा कि जब वह उन्हें 'संतुष्ट' कर देगी तो उसकी मदद कर दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, युवती का आरोप है कि अपराध निरीक्षक नरेश मलिक ने बातचीत के दौरान उसे अपनी मांग पूरी होने पर पैसे देने की भी पेशकश की।

 

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इस मामले में बलिया के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बुधवार को बताया कि सोमवार को उनके संज्ञान में यह मामला आने पर उन्होंने निरीक्षक नरेश मलिक को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करके मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मामले में उभांव थाने के प्रभारी संजय शुक्ला की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि उत्तरी क्षेत्र के अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शुक्ला को मामले की जांच सौंपी गई है और रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।