पंजाब के लुधियाना में स्थित सीटी यूनिवर्सिटी में एक बड़ा विवाद हुआ है। यहां के कुलपति (वाइस चांसलर) नितिन टंडन ने इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा कश्मीरी छात्रों के विरोध के बाद आया है। छात्रों ने रमजान के महीने में सेहरी और इफ्तार के लिए खाने की व्यवस्था मांगी थी, लेकिन आरोप है कि कुलपति ने उनके साथ गलत व्यवहार किया।

 

सीटी यूनिवर्सिटी के चांसलर और चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कुलपति ने इस्तीफा दे दिया है। यूनिवर्सिटी ने इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर रख रहा है।

 

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मेस करना पड़ा बंद

कश्मीरी छात्रों का कहना है कि रमजान चल रहा है। वे यूनिवर्सिटी के मेस में सेहरी (सुबह का खाना) और इफ्तार (रोजा खोलने का खाना) की व्यवस्था चाहते थे। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने प्रशासन से कई बार कहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए विरोध में उन्होंने मेस को बंद कर दिया (लॉक कर दिया), जहां वे इफ्तार करते थे।


छात्रों का आरोप है कि कुलपति नितिन टंडन ने उनसे गाली-गलौज की, बुरे शब्द कहे और एडमिशन रद्द करने की धमकी दी। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुलपति छात्रों से कैंपस छोड़ने और एडमिशन कैंसल करने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं।

महबूबा मुफ्ती ने किया पोस्ट

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने एक्स पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को टैग करके लिखा - क्या आप सीटी यूनिवर्सिटी के कुलपति का समर्थन करते हैं, जिन्होंने सिर्फ इफ्तार और सेहरी के लिए खाना मांगने पर कश्मीरी मुस्लिम छात्रों को गाली दी और डराया? यह बहुत चौंकाने वाली बात है कि पंजाब जैसे राज्य में भी कश्मीरियों पर हमला सामान्य हो गया है। कुलपति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग है।’

 

यूनिवर्सिटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि वीडियो का सिर्फ एक हिस्सा सामने आया है। छात्रों ने भी मेस बंद किया था, जिस पर कुलपति ने प्रतिक्रिया दी। शांति बनाए रखने के लिए इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। छात्रों ने लिखित में कहा है कि वे कुलपति के इस्तीफे से संतुष्ट हैं। बाकी जांच चल रही है।

 

एक पीएचडी छात्र ओवैस (अनंतनाग से) ने बताया कि पहले सालों में इफ्तार मिलता था, लेकिन इस बार कुछ नहीं मिला। पांच दिन बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया, इसलिए विरोध किया।

 

छात्र कल्याण के डीन दविंदर सिंह ने कहा कि हम उन्हें पर्याप्त खाना दे रहे हैं, लेकिन वे कुछ अतिरिक्त चीजें जैसे फल और खजूर चाहते थे। हम वह भी देंगे।

 

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जांच जारी

जगरांव के एसडीएम उपिंदरजीत कौर ब्रार ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग कुलपति का इस्तीफा था, जो पूरा हो गया है। यूनिवर्सिटी से जांच रिपोर्ट मांगी गई है कि पूरा मामला क्या था।

 

लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस और समुदाय के नेताओं के साथ मिलकर मामला सुलझा लिया गया है। छात्रों ने आंदोलन खत्म कर दिया। पूरी जांच का आदेश दिया गया है।