लखनऊ विश्वविद्याल में पढ़ने वाले 13 छात्रं को लाल बारादरी में नमाज पढ़ने की वजह से नोटिस भेज दिया है। छात्रों के खिलाफ हसनगंज थाने में तहरीर दी गई थी। उन पर आरोप है कि छात्रों की इस हरकत की वजह से यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर तनाव का माहौल पैदा हो गया, यह शांति भंग करने के मकसद से किया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि छात्रों के नमाज पढ़ने से तनावपूर्ण स्थितियां हो सकती थीं। इसकी शिकायत पर, कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने छात्रों को 50 हजार का निजी मुचलका दायर करने का आदेश दिया है। एक साल तक, विश्वविद्यालय परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह राशि, उन्हें बॉन्ड के तौर पर देना होगा।
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NSUI ने किया विरोध प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश में लखनऊ विश्वविद्यालय के अंदर कांग्रेस पार्टी की छात्र शाखा NSUI के छात्रों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। इस जगह को स्थानीय प्रशासन ने बंद किया है, जिसे लेकर छात्र भड़क गए हैं। उनका कहना है कि मुस्लिम छात्र पिछले कई वर्षों से उस स्थान पर नमाज अदा करते आ रहे हैं, अब उन्हें रोकना पड़ेगा।
NSUI के वाइस प्रेसीडेंट आर्यन मिश्रा ने कहा, 'लखनऊ विश्वविद्यालय के अंदर एक जगह पर परसों ताला लगा दिया गया, जहां मुस्लिम छात्र पिछले कई वर्षों से नमाज अदा करते आ रहे हैं। यह स्थान लखनऊ विश्वविद्यालय के अंदर लाल बारादरी में स्थित है।'
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आर्यन मिश्रा ने कहा, 'लोग पिछले कई वर्षों से नमाज अदा कर रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने मस्जिद पर ताला लगा दिया है।'
अब तक विश्वविद्यालय में क्या होता था?
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि अब तक मुस्लिम छात्र मस्जिद में नमाज अदा करते थे, जबकि हिंदू छात्र गेट नंबर एक के पास स्थित एक मंदिर में पूजा करते थे। अब मुस्लिम छात्रों को नमाज पढ़ने से रोका जा रहा है। यह गलत है।
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नमाज के विरोध में भी हो रहा है प्रदर्शन?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक पदाधिकारी ने कहा कि अगर लखनऊ विश्वविद्यालय के अंदर नमाज अदा की जाती है तो वे भी विश्वविद्यालय में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। हिंदू संगठनों के कुछ छात्रों ने कैंपस में हनुमान चालिसा भी पढ़ा।