अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई) के मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के श्रमिकों के लिए बड़ा ऐलान किया। इसके मुताबिक, पंजाब के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी होगी। इस ऐलान के बाद पंजाब सरकार राज्य के मजदूरों की मजदूरी में 15 फीसदी की बढ़ोतरी करेगी। सीएम मान ने शुक्रवार को पंजाब विधानसभा में कहा 'मैं उनके न्यूनतम मजदूरी में 15% बढ़ोतरी की घोषणा करता हूं।'
सीएम मान के मुताबिक, यह बढ़ोतरी सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के सभी मजदूरों पर समान रूप से लागू होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा से बाहर निकलकर कहा, 'आज मजदूरों का दिन है, इसलिए मजदूरों को तोहफा मिलना ही चाहिए।'
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13 साल से लंबित थी मांग
विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब में 13 साल के लंबे अंतराल के बाद न्यूनतम मजदूरी में संशोधन किया गया है। उन्होंने इसे पंजाब के मेहनतकश वर्ग की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
भगवंत मान सरकार के इस फैसले से पंजाब के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा। उन्हें महंगाई के दौर में बड़ी इससे राहत मिलने की उम्मीद है। पंजाब में अभी श्रमिकों की प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी 438 रुपये है, महीने के हिसाब से यह 11,389 रुपये है।
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कांग्रेस ने की थी मजदूरी बढ़ाने की मांग
इससे पहले कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आम आदमी पार्टी की सरकार से मांग की थी कि अकुशल श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाई जाए। बाजवा ने कहा कि मजदूर दिवस पर एक मई को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाने वाली मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अगर श्रमिक वर्ग को लेकर गंभीर है, तो उसे मजदूरी बढ़ाने की घोषणा करनी चाहिए। बाजवा ने अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 400 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की थी।
