पंजाब में शुक्रवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इसी सत्र में पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) विश्वास मत लाने की तैयारी में है। विश्वास मत से पहले ही विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान और कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के बीच जबरदस्त बहस हुई। इसी बहस का वीडियो वायरल हो रहा है। कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने आरोप लगाए हैं कि भगवंत मान शराब पीकर विधानसभा में आ गए। बीजेपी के नेता सुनील जाखड़ ने कहा है कि विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की नहीं ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट की जरूरत है।
सदन में कांग्रेस विधायकों से हुई बहस और शराब पीकर आने के आरोपों के बीच जमकर हंगामा हुआ। इसी के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन भी किया और भगवंत मान के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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क्या बोले सुनील जाखड़?
बीजेपी नेता सुनील जाखड़ ने कहा, 'पंजाब विधानसभा का भवन लोकतंत्र का मंदिर है। कुछ दिन पहले ही बेअदबी को लेकर बिल लाया गया। अगर मंदिर और गुरुद्वारे में कोई आदमी शराब के नशे में जाए तो वह बेअदबी मानी जाती है। अगर सरकार विधानसभा में मदहोश होकर आए, मैं ताकत के नशे की बात नहीं कर रहा हूं। नशे में मगरूर होकर अगर सरकार विधानसभा में आए तो यह सिर्फ बाबा साहब आंबेडकर के संविधान का अपमान है बल्कि लोकतंत्र के मंदिर का भी अपमान है।'
उन्होंने आगे कहा है, 'शोर पड़ रहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार जा रही है और बहुत सारे विधायक टूटकर जा रहे हैं। चाहे वह फ्लोर टेस्ट कराएं या ना कराएं, मेरी विनती है कि सारे नेताओं का ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट जरूर करा लें। अगर कार चलाने के लिए ड्राइवर का ब्रेथ एनलाइजर होता है, जहाज उड़ाने से पहले पायलट का होता है तो पंजाब को चलाने वाले लीडर्स का अगर ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट हो जाए तो मुझे लगता है कि फ्लोर टेस्ट कराने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। पंजाब की समस्या भी खत्म हो जाएगी और आम आदमी पार्टी के सारे झगड़े भी आज ही खत्म हो जाएंगे।'
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इसी मामले पर पंजाब कांग्रेस के विधायक और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा में कहा, 'एक सदस्य ने राज्य के मुखिया पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। अगर यह सच है तो इससे बुरा दिन नहीं हो सकता है। यह सबसे काला दिन है। आप हाउस के कस्टोडियन हैं। मेरी आपसे विनती है कि हाउस के दरवाजे बंद कराएं और एल्कोहल मीटर से सभी विधायकों की जांच कराएं।'
प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा के स्वीकर को चिट्ठी लिखकर एल्को मीटर से सभी नेताओं की जांच कराने की मांग की है। बता दें कि इससे पहले बीजेपी ने एक समानांतर 'पीपल्स असेंबली' का आयोजन भी किया।
स्वाति मालीवाल ने की इस्तीफे की मांग
हाल ही में AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल हुईं राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा है, 'आज फिर से पंजाब CM भगवंत मान लोकतंत्र के मंदिर पंजाब विधानसभा में शराब के नशे में चूर होकर पहुंचे हैं। यह आदमी गुरुद्वारा साहिब शराब पीकर जाता है, मंदिर शराब पीकर जाता है, लोकसभा शराब पीकर आता था, सरकार की मीटिंग में शराब पीकर जाता है, विदेश में इतनी शराब पीली की प्लेन से उतार दिया गया।'
स्वाति मालीवाल ने भगवंत मान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, 'चुनाव से पहले इन्होंने अपनी मां के सिर पर हाथ रखकर बोला था कि मैं अब कभी शराब नहीं पिऊंगा। पंजाब जैसे सेंसिटिव बॉर्डर स्टेट का CM हर वक्त नशे में रहता है… नशे में फाइल साइन करता है। क्या बेशर्मी है। जो आदमी शराब से सिर्फ़ नींद के वक़्त दूर होता हो वह कैसे पंजाब चला सकता है? CM मान का एल्कोल टेस्ट होना चाहिए और दोषी पाए जाने पर इन्हें CM पद से बर्खास्त करना चाहिए।'