पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिमांड खत्म होने के बाद गुरुग्राम कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान कोर्ट में काफी भावुक माहौल देखने को मिला। संजीव अरोड़ा के परिवार वाले भी वहां मौजूद थे। जैसे ही उन्होंने अपनी बेटी को देखा, वह खुद को रोक नहीं पाए और बेटी से गले लगकर रो पड़े। कोर्ट ने इस मामले में ED रिमांड को 2 दिन और बढ़ा दिया है।

 

यह मामला न्यू चंडीगढ़ की जमीन की डील्स, मास्टर प्लान में कथित गड़बड़ियों और करीब 150 करोड़ रुपये के सनटेक सिटी घोटाले से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस पूरे मामले में काफी बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं और जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब यह केस सिर्फ जमीन के सौदों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कई बड़े अफसर और कारोबारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं।

 

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बड़े अफसर भी रडार पर

जांच एजेंसियों ने अब कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लिया है। जीएमएडीए के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप कुमार को ED ने समन जारी किया है। वहीं, पावरकॉम के CMD और 2005 बैच के IAS अधिकारी बसंत गर्ग को सोमवार को दिल्ली स्थित ED मुख्यालय में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा PPCL की कमर्शियल डायरेक्टर हरशरण कौर त्रेहन, लुधियाना के निवेशक हेमंत सूद और कई अन्य कारोबारी भी जांच के घेरे में हैं।

 

यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें मंत्री संजीव अरोड़ा का नाम पहले से सामने आ चुका है। हाल ही में पंजाब के कई बड़े रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। अब जांच एजेंसियां लगातार दस्तावेज और लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

 

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150 करोड़ रुपये के सनटेक सिटी घोटाले में आरोप है कि 15 जमीन मालिकों के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान बनाए गए। इसके आधार पर फर्जी सहमति पत्र तैयार कर चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) मंजूर कराया गया। बाद में निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए गए, जिससे एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया।