पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा की मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तारी के बाद से राज्य की राजनीति में हलचल तेज है। संजीव अरोड़ा पंजाब सरकार में मंत्री ही नहीं थे बल्कि वह एक सफल बिजनेसमैन भी हैं। 2022 में आम आदमी पार्टी की सत्ता आने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था, जबकि वह राजनीति में कोई सक्रिय भूमिका भी नहीं निभा रहे थे। उनके अलावा पार्टी ने विक्रमजीत सिंह साहनी को भी राज्यसभा भेजा था। वह भी पंजाब के बिजनेस जगत में एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले ही AAP को छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है और अब वह पंजाब में एक्टिव हो गए हैं।
संजीव अरोड़ा ने पंजाब के व्यापारियों को AAP के साथ जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है और अब विक्रमजीत वही रोल बीजेपी के लिए निभाते हुए नजर आ रहे हैं। बीजेपी ने पंजाब की इंडस्ट्री से सीधा संपर्क साधने और उनकी समस्याओं के समाधान करने की जिम्मेदारी विक्रमजीत सिंह साहनी को दी है। विक्रमजीत सिंह साहनी ने लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और मंडी गोबिंदगढ़ जैसे औद्योगिक शहरों में बीजेपी के लिए काम करना भी शुरू कर दिया है।
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क्यों अहम हैं विक्रमीत सिंह साहनी?
भारतीय जनता पार्टी को पंजाब में एक शहरी और हिंदू पार्टी के रूप में जाना जाता है। 2022 के बाद पंजाब के शहरी वोट और खासकर उद्योगपतियों का रुझान सत्ता पक्ष की और होने लगा था। अब बीजेपी को किसी ऐसे चेहरे की तलाश थी जो पंजाब के उद्योगपतियों को बीजेपी के साथ जोड़ सके। विक्रमजीत सिंह साहनी खुद एक उद्योगपति हैं और उनका कारोबारी जगत में अच्छा प्रभाव है।
साहनी FICCI के इंटरनेशनल अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वह सार्क चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्हें पंजाब में एक थिंक टैंक और पॉलिसी एक्सपर्ट के रूप में जाना जाता है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले वह पंजाब के व्यापरी वर्ग में पार्टी को खड़ा कर सकते हैं।
बीजेपी की रणनीति?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विक्रमजीत साहनी उद्यमियों की समस्याओं को हल करेंगे ताकि उनकी इंडस्ट्री में मजबूत पकड़ हो सके। विक्रमजीत सिंह साहनी केंद्रीय महकमों के अफसरों की उद्यमियों के साथ बैठक करवाएंगे। विक्रमजीत सिंह साहनी अब पंजाब के कोने-कोने में जाकर उद्यमियों, विशेषकर छोटे व्यापारियों को केंद्र सरकार की इंडस्ट्रियल फ्रेंडली नीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। इसे बीजेपी की रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। बीजेपी के लिए पंजाब में इस वर्ग को साधना एक बड़ी चुनौती है और चुनाव से महीनों पहले ही पार्टी ने अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है।
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जांच में फंसे AAP के उद्योगपति
बीजेपी विक्रमजीत सिंह साहनी के जरिए पंजाब में बिजनेस से जुड़े लोगों को अपने पाले में करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, AAP सरकार में मंत्री और बड़े बिजनेसमैन संजीव अरोड़ा ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। वह मौजूदा समय में जेल में बंद हैं और कोर्ट से राहत की उम्मीद में हैं। विक्रमजीत सिंह साहनी का बीजेपी में शामिल होना मात्र राज्यसभा क नंबर गेम से जोड़ा जा रहा था लेकिन बीजेपी की रणनीति उनके जरिए पंजाब के उद्योगपतियों में पैठ बढ़ाने की है।